बलरामपुर जिले के कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पर हत्या का आरोप लगा है। बाक्साइट लोड ट्रक रोकने के संदेह पर खेत से लौट रहे तीन ग्रामीणों पर एसडीएम व उसके स …और पढ़ें

HighLights
- पिटाई से ग्रामीण की मौत, SDM करुण डहरिया पुलिस हिरासत में
- बाक्साइट ट्रक रोकने के संदेह में ग्रामीणों को बेरहमी से पीटा
- 4 थानों की पुलिस तैनात, आक्रोशित आदिवासी समाज कर रहा विरोध
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पर हत्या का आरोप लगा है। बाक्साइट लोड ट्रक रोकने के संदेह पर खेत से लौट रहे तीन ग्रामीणों पर एसडीएम व उसके सहयोगियों पर मारपीट का आरोप है। पिटाई से एक आदिवासी की मौत हो गई। दो घायल ग्रामीणों को कुसमी अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस घटना के बाद कुसमी में माहौल गरमा गया है। आसपास के चार थानों की पुलिस को कुसमी में तैनात किया गया है।
अवैध बाक्साइट उत्खनन और ट्रक रोकने को लेकर उपजा विवाद
पूरा विवाद बाक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है। कुसमी क्षेत्र के मगाजी के नजदीक बाक्साइट का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। अवैध उत्खनित बाक्साइट का परिवहन करा कर मोटी कमाई की जा रही है। यह बाक्साइट झारखंड भेजा जा रहा है। इस अवैध कारोबार में सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ पदाधिकारी शामिल हैं, प्रशासनिक सहयोग से यह काम चल रहा था जबकि गांव वाले इसके विरोध में थे। रविवार की रात हंसपुर के नजदीक नाराज ग्रामीणों ने बाक्साइट लोड एक ट्रक को रोक लिया था। इसकी जानकारी लगने पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा तथा कुछ बाहरी लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे थे। एक थार गाड़ी तथा एसडीएम की निजी वाहन से लोगों के पहुंचते ही ट्रक रोकने वाले भाग गए थे।
खेत से लौट रहे ग्रामीणों की पिटाई
खबर है कि बाक्साइट के अवैध उत्खनन में प्रशासनिक अमले की भी संलिप्तता थी। इसी कारण एसडीएम उनका साथ देने गए थे। उनकी मुलाकात खेत से लौट रहे रामनरेश राम (62), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) से हो गई। आरोप है कि एसडीएम ने इन्हें पाइप और डंडे से पीटना शुरू किया। मारपीट में तीनों घायल हो गए। रामनरेश राम बेहोश हो गया। आनन-फानन में तीनों को वाहन में बैठाकर कुसमी अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने रामनरेश राम को मृत घोषित कर दिया। जबकि अजीत उरांव तथा आकाश अगरिया का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
एसडीएम और तहसीलदार पुलिस हिरासत में
इस घटना की जानकारी लगते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। अस्पताल और थाने में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कुसमी, सामरी, करौंधा, शंकरगढ़ से पुलिस बल को कुसमी में तैनात किया गया है। बलरामपुर से एएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी भी कुसमी पहुंच गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सीधे तौर पर एसडीएम करुण डहरिया का नाम सामने आया है। उनकी कार्यशैली को लेकर क्षेत्रवासियों में पहले से ही नाराजगी थी। आरोप है कि मजिस्ट्रेट की शक्तियों का वे लगातार दुरुपयोग कर रहे थे।
एसडीएम कार्यालय जाने वाले लोगों द्वारा नियम विरुद्ध कार्यों पर आपत्ति दर्ज कराने की स्थिति में कई लोगों को उनके द्वारा जेल भेजा जा चुका है। हत्या के आरोप में उनका नाम सामने आने के बाद आदिवासी समाज आक्रोशित है। खबर है कि एसडीएम करुण डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा के साथ तीन अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन सभी को बलरामपुर जिले के कुसमी से लेकर राजपुर थाने में रखा गया है। प्रकरण में बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, एसपी वैभव बैंकर अभी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। जांच के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आएगी।
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