अंबिकापुर में पीलिया के 42 मरीज मिले, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई पानी की जांच

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February 20, 2026


नवागढ़ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र से अब तक 42 लोग पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं। शहर के दूसरे क्षेत्रों में भी पीलिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रह …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 20 Feb 2026 09:44:37 PM (IST)Updated Date: Fri, 20 Feb 2026 09:50:53 PM (IST)

अंबिकापुर में पीलिया के 42 मरीज मिले, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई पानी की जांच
अंबिकापुर में सामने आए पीलिया के मामले।

HighLights

  1. सीएमएचओ ने जल शुद्धिकरण के लिए लिखा पत्र
  2. मेडिकल कालेज अस्पताल में हुई पानी की जांच
  3. दूषित जल को बताया जा रहा है मुख्य कारण

नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर। शहर में दूषित पेयजल की आपूर्ति पीलिया का कारण बन रही है। नवागढ़ स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कुछ दिनों से पीलिया के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में पीलिया की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

नवागढ़ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र से अब तक 42 लोग पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं। शहर के दूसरे क्षेत्रों में भी पीलिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में भी पीलिया के मरीज पहुंच रहे हैं।

नवागढ़ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में पीलिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित मोहल्लों के कई घरों से पेयजल के सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे थे। जांच रिपोर्ट में पानी शुद्ध नहीं पाया गया।

प्रारंभिक आकलन में दूषित जल को ही शहरी क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों का प्रमुख कारण माना जा रहा है। शहर के कई क्षेत्र के जल उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिनों से नलों में गंदा और बदरंग पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत पूर्व में भी की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। पीलिया के बढ़ते मामलों ने अब स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

सीएमएचओ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को लिखा पत्र

  • मामले को संज्ञान में लेते हुए सरगुजा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा पीएस मार्को ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को पत्र प्रेषित कर अंबिकापुर शहर में दूषित पानी की आपूर्ति की जानकारी दी है।
  • सीएमएचओ ने आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है। हालांकि अंबिकापुर शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का सीधा दायित्व नगर निगम के पास है।
  • जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसलिए नगर निगम प्रशासन को पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

इन कारणों से दूषित हो सकता है पानी

नगरीय क्षेत्र में दूषित जल आपूर्ति के कई संभावित कारण सामने आए हैं। कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन नालियों के बगल से गुजर रही है। पाइपलाइन में लीकेज होने पर नाली का गंदा पानी पाइप के भीतर प्रवेश कर जाता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर मनमाने ढंग से की गई खोदाई के कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें भी मिली हैं। इन कारणों से घरों तक दूषित और मटमैला पानी पहुंचने की बात सामने आई है। जल शोधन संयंत्र में भी नियमित रूप से निगरानी तथा पानी टँकीयो की सफाई भी जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने की सतर्क रहने अपील की

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पानी को उबालकर ही उपयोग करें तथा पीलिया के लक्षण जैसे आंख और त्वचा का पीला पड़ना, भूख न लगना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। वहीं नगर निगम से अपेक्षा की जा रही है कि वह जल आपूर्ति व्यवस्था की समुचित जांच कर शीघ्र प्रभावी कदम उठाए, ताकि शहर में संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाई जा सके।



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