सैलानियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अस्थायी झोपड़ियां बनाकर पैकेट फुड, चाय-नाश्ता, भुट्टा, पकौड़ी और अन्य खाद्य सामग्री की द …और पढ़ें

HighLights
- आग की घटना में इन्हीं दुकानों को सबसे अधिक क्षति पहुंची।
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें ऊंची उठ रही थीं।
- आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में शुक्रवार देर रात आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते आसपास बनी झोपड़ीनुमा एक दर्जन से अधिक दुकानें उसकी चपेट में आ गईं और कुछ ही देर में जलकर पूरी तरह राख हो गईं। घटना के समय अधिकांश दुकानें बंद थीं, जिससे जनहानि नहीं हुई, लेकिन छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
टाइगर प्वाइंट मैनपाट का प्रमुख आकर्षण केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। सैलानियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अस्थायी झोपड़ियां बनाकर पैकेट फुड, चाय-नाश्ता, भुट्टा, पकौड़ी और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानें संचालित की जाती हैं।
आग की घटना में इन्हीं दुकानों को सबसे अधिक क्षति पहुंची है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें ऊंची उठ रही थीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन लकड़ियों से तैयार झोपड़ियां कुछ ही देर में जल गई।
सब एक दूसरे से सटी हुई थी इस कारण एक-एक कर सब आग की चपेट में आ गई। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि ठंड के कारण आग तापने के दौरान निकली चिंगारी से हादसा हुआ हो सकता है। वहीं कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से आग लगाए जाने की आशंका भी व्यक्त की है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मैनपाट के अन्य क्षेत्रों में झोपड़ीनुमा दुकानों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। प्रभावित व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से मुआवजा एवं सहायता की मांग की है, ताकि वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।