छात्रों से जूते और बेल्ट तक उतरवाए… CG VYAPAM की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में दिखी कड़ी सुरक्षा, 472 रहे अनुपस्थित

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July 20, 2025


Sub-Engineer Recruitment Exam: बिलासपुर नकल कांड के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा में कड़ाई देखने को मिली। जिन परीक्षार्थियों ने घड़ी पहन रखी थी उसे भी खुलवा दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की कोई स्थिति ही न रहे। अंबिकापुर जिले के कुल 1985 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 1513 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 472 अनुपस्थित रहे।

By Mohan Kumar

Publish Date: Sun, 20 Jul 2025 07:47:17 PM (IST)

Updated Date: Sun, 20 Jul 2025 07:47:17 PM (IST)

छात्रों से जूते और बेल्ट तक उतरवाए... CG VYAPAM की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में दिखी कड़ी सुरक्षा, 472 रहे अनुपस्थित
CG VYAPAM की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में दिखी कड़ी सुरक्षा

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: बिलासपुर नकल कांड के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा में कड़ाई देखने को मिली। जैमर लगे कक्षों में रविवार को अंबिकापुर के पांच परीक्षा केंद्रों में आयोजित सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सम्पन्न हुई। जिले के कुल 1985 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 1513 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 472 अनुपस्थित रहे। बिलासपुर में हाईटेक नकल के कारण इस बार परीक्षा केंद्रों पर फुलबाह शर्ट, घड़ी, जूते और बेल्ट पूरी तरह प्रतिबंधित थे। बावजूद इसके कुछ परीक्षार्थी फुलबाह की शर्ट पहनकर पहुंचे, जिन्हें प्रवेश से पहले वहीं कैंची से शर्ट की बाहें काटनी पड़ी।

उन्हें अवसर दिया गया कि वे चाहें तो नजदीक के किसी दुकान से हाफ शर्ट या हाफ टी शर्ट खरीदकर पहन सकते हैं। सबके पास यह व्यवस्था नहीं थी। फूल बांह की शर्ट और टी शर्ट को लेकर यह स्थिति लगभग सभी परीक्षा केंद्रों में देखने को मिली। जूते पहनकर आए परीक्षार्थियों को बाहर ही जूते खोलने पड़े क्योंकि चप्पल पहनकर आने का निर्देश था। व्यवसयिक परीक्षा मंडल ने पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे, इस कारण स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र प्रभारियों ने नियमों का पालन कराने के लिए पूरी सख्ती बरती।

सभी परीक्षा कक्षों में दीवार घड़ियां लगाई गई थीं ताकि किसी को व्यक्तिगत घड़ी लाने की जरूरत न पड़े। जिन परीक्षार्थियों ने घड़ी पहन रखी थी उसे भी खुलवा दिए गए ताकि किसी भी प्रकार की शंका की कोई स्थिति ही न रहे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश परीक्षा समय से दो घंटे पहले अनिवार्य किया गया था, और प्रवेश द्वार परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पूर्व बंद कर दिया गया। अभ्यर्थियों को केवल हल्के रंग की आधी बांह की शर्ट और चप्पल पहनने की अनुमति दी गई थी।

जैमर और मेटल डिटेक्टर का उपयोग

व्यापम द्वारा जारी सख्त निर्देशों के पालन में हर परीक्षा कक्ष में मोबाइल जैमर लगाए गए। स्थिति यह निर्मित हो गई कि परीक्षा केंद्र प्रभारी और केंद्राध्यक्ष भी जब उन कमरों में पहुंचे तो मोबाइल काम करना बंद कर दे रहा था। यह व्यवस्था व्यापम की ओर से ही की गई थी। परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और महिला परीक्षार्थियों की तलाशी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ली गई। परिसर में सुरक्षा बल लगातार गश्त करते रहे।

पूर्वाभ्यास के साथ हुआ था सख्त प्रशिक्षण

परीक्षा से पूर्व राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर में जिला समन्वयक केंद्र की ओर से केंद्राध्यक्षों एवं सहायक केंद्राध्यक्षों को नए दिशा-निर्देशों का प्रशिक्षण दिया गया था। मास्टर ट्रेनर डॉ. अनिल सिन्हा, डाक्टर राजकमल मिश्रा और डाक्टर एसएन पांडेय ने प्रशिक्षण में परीक्षा की पारदर्शिता और नकलमुक्त संचालन पर विशेष बल दिया था। रविवार को अंबिकापुर के राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शासकीय पॉलिटेक्निक, शासकीय मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा का सफल संचालन किया गया।

परीक्षार्थियों ने कहा- पहली बार देखी ऐसी सख्ती

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में जितनी सख्ती बरती जाती है वैसी ही सख्ती रविवार को व्यापम की भर्ती परीक्षा में देखने को मिली। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों ने कहा कि पहली बार उन्होंने भर्ती परीक्षा में इतनी कड़ाई देखी। कड़े दिशा-निर्देश और प्रशासन की सख्ती के चलते परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। व्यवस्था अथवा प्रश्नपत्र को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई। व्यापम और प्रशासन की संयुक्त सख्ती ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न हो।



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