जज के पद पर प्रमोशन के लिए अब सात साल का अनुभव जरूरी, आरक्षण नियम भी बदले

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January 28, 2026


छत्तीसगढ़ में न्यायिक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विधि एवं विधायी विभाग ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस (भर्ती तथा सेवा श …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 29 Jan 2026 02:27:06 AM (IST)Updated Date: Thu, 29 Jan 2026 04:44:39 AM (IST)

CG High Court: जज के पद पर प्रमोशन के लिए अब सात साल का अनुभव जरूरी, आरक्षण नियम भी बदले
हायर ज्यूडिशियल सर्विस नियमों में संशोधन। फाइल फोटो

HighLights

  1. भर्ती कोटा में 65 से 50 प्रतिशत बदलाव
  2. दिव्यांगों को चार प्रतिशत आरक्षण
  3. चयन प्रक्रिया में क्वालीफाइंग अंक तय

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: विधि एवं विधायी विभाग ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स में बड़ा बदलाव करते हुए न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति और आरक्षण व्यवस्था में जरूरी संशोधन किए हैं। इस संबंध में हायर ज्यूडिशियल सर्विस (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

हाईकोर्ट की अनुशंसा पर जारी अधिसूचना

विधि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना हाई कोर्ट की अनुशंसा के बाद लागू की गई है। नए नियमों के तहत ज्यूडिशियल सर्विस में पदोन्नति के मानदंडों को पहले की तुलना में अधिक सख्त किया गया है।

अनुभव की समय-सीमा में बदलाव

संशोधित नियमों के अनुसार अब सिविल जज (जूनियर और सीनियर कैटेगरी) को पदोन्नति के लिए कम से कम सात वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य होगा। वहीं, पद पर बने रहने की न्यूनतम समय-सीमा को पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है।

भर्ती कोटा में संशोधन

हायर ज्यूडिशियल सर्विस में भर्ती कोटा के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां 65 प्रतिशत और 10 प्रतिशत का प्रावधान था, उसे संशोधित कर क्रमशः 50 प्रतिशत और 25 प्रतिशत कर दिया गया है।

दिव्यांगों के लिए आरक्षण का नया प्रावधान

नए नियमों के तहत दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। इसमें दृष्टिबाधित और अल्प दृष्टि के लिए एक प्रतिशत, श्रवण बाधित (बधिर को छोड़कर) के लिए एक प्रतिशत तथा चलने में निशक्तता, कुष्ठ रोग मुक्त, बौनापन, तेजाब हमला पीड़ित और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए एक प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।

मूल्यांकन के मापदंड अंक
दिए गए फैसलों का मूल्यांकन 30
पिछले पांच वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) 10
पिछले पांच वर्षों में मामलों के निपटारे की दर 10
विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर 10
कानून के अपडेट नॉलेज के आधार पर 10
सामान्य धारणा, जागरूकता और संचार कौशल 10
साक्षात्कार 20
कुल अंक 100

आप्टिज्म और बहुदिव्यांगता के लिए भी एक प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। यदि किसी भर्ती वर्ष में दिव्यांग उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं, तो पद अगले भर्ती वर्ष में आगे बढ़ाया जाएगा।

क्वालीफाइंग अंक और चयन प्रक्रिया

अधिसूचना के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक 60 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग (दिव्यांगों सहित) के लिए 50 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं। सफल उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर 1:3 के अनुपात में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा।



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