यूजीसी की ओर से Digital Ragging रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। जुनियर्स को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर मैसेज करके परेशान करने को भी अब रैगिंग की श्रेणी में रखा जाएगा, ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कॉलेजों को डिजिटल एंटी-रैगिंग सेल की तरह निगरानी तंत्र विकसित करना होगा
By Dhirendra Kumar Sinha
Publish Date: Fri, 11 Jul 2025 03:14:02 PM (IST)
Updated Date: Fri, 11 Jul 2025 03:21:00 PM (IST)

HighLights
- अब Digital Ragging के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा
- यूजीसी ने रैगिंग को लेकर जारी किया नया गाइडलाइन
- डिजिटल एंटी-रैगिंग सेल बनाकर करनी होगी निगरानी
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: नए छात्रों को अब डिजिटल प्लेटफार्म पर भी रैगिंग झेलनी पड़ी तो सीनियर्स को बख्शा नहीं जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने स्पष्ट कर दिया है कि वाट्सएप ग्रुप जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर मानसिक उत्पीड़न भी रैगिंग की श्रेणी में आएगा। देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को यह निर्देश जारी किए गए हैं।
उच्च शिक्षण संस्थानों को आदेश
अटल वि.वि. ने उठाया कदम
क्या कहते हैं नए नियम
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वाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक ग्रुप भी निगरानी में।
रैगिंग पर हमेशा सजग