टायर फटने से बच्चे के पैरों में धंसे लोहे के 4 टुकड़े, CIMS में डॉक्टरों ने ऐसे किया जटिल ऑपरेशन

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July 31, 2025


बिलासपुर के सिम्स में डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन कर बच्चे के पैर के भीतर फंसे लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों को बाहर निकाला है। साइकिल का टायर फटने के कारण यह दुर्घटना हुई थी। इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने लाइव सोनोग्राफी प्रकिया का प्रयोग भी किया, जिससे कम से कम चीड़-फाड़ करना पड़े।

By Roman Tiwari

Publish Date: Thu, 31 Jul 2025 03:53:56 PM (IST)

Updated Date: Thu, 31 Jul 2025 03:57:13 PM (IST)

टायर फटने से बच्चे के पैरों में धंसे लोहे के 4 टुकड़े, CIMS में डॉक्टरों ने ऐसे किया जटिल ऑपरेशन
निकाले गए तार व बच्चे के पैर में फंसे तार की एक्स्रे

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में चिकित्सकीय क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। रेडियोलाजी विभाग और सर्जरी विभाग के संयुक्त प्रयास से ऑपरेशन के दौरान सोनोग्राफी की मदद से एक 10 वर्षीय बालक के पैर में फंसे लोहे के चार तार को सफलतापूर्वक निकाला गया।

जानकारी के अनुसार, कोटा विकासखंड के ग्राम लमेर निवासी 10 वर्षीय आदित्य खांडे पिता दिप कुमार लगभग चार माह पहले साइकिल चलाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में साइकिल का टायर फटने से बाहर निकला लोहे का तार उसके दाहिने पैर में घुस गया। तार पैर में टूटकर अंदर फंस गया और चार टुकड़ों में लगभग 2 से 5 सेमी लंबाई में मांसपेशियों में धंस गया।

रेडियोलॉजी विभाग की ली गई मदद

बच्चे को लगातार सूजन और दर्द की शिकायत बनी रही। तीन दिन पहले परिजन उसे सिम्स के सर्जरी विभाग में लेकर पहुंचे, जहां सर्जन डॉ. बीडी तिवारी ने उसकी जांच की। एक्सरे और सोनोग्राफी से यह पुष्टि हुई कि तार पैर की मांसपेशियों में गहराई तक धंसा हुआ है और अंदर ही अंदर मवाद बन चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. ओपी राज और डॉ. बीडी तिवारी ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। परंतु ऑपरेशन के दौरान चीरफाड़ को न्यूनतम रखने और तारों की सटीक लोकेशन जानने के लिए रेडियोलाजी विभाग की मदद ली गई।

ऑपरेशन के दौरान लाइव सोनोग्राफी

विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के निर्देशन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमन अग्रवाल ने ऑपरेशन थिएटर में ही लाइव सोनोग्राफी के माध्यम से लोहे के तारों की सटीक स्थिति चिन्हित की। इसके आधार पर सर्जनों ने बहुत ही कम चीरफाड़ कर सफलतापूर्वक सभी चार तारों को निकाल कर राहत दी। इससे बच्चे को दर्द से राहत मिलने लगी है और अभी भी सर्जरी विभाग में बच्चे का इलाज किया जा रहा है।

इस जटिल आपरेशन में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रघुराज सिंह, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, रेडियोलाजी विभाग की डॉ. भावना रायजादा, डॉ. मिल्टन, डॉ. श्वेता कुजूर और डॉ. मयंक आगरे का योगदान रहा।

चिकित्सक साबित कर रहे अपनी श्रेष्ठता

सिम्स के चिकित्सक अब संभाग व प्रदेश में अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं। लगातार बीच-बीच में जटिल सर्जरी कर मरीजों को राहत दी जा रही है। खासतौर से सर्जरी, डेंटल, ईएनटी, आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के नए डाक्टरों की चिकित्सकीय सेवा स्तरीय है, इस वजह से सिम्स के प्रति फिर से लोगों का विश्वास बढ़ता जा रहा है।

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सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने सभी चिकित्सकों की इस सामूहिक उपलब्धि के बारे में कहा कि सिम्स के डॉक्टर अब लगातार जटिल ऑपरेशन करते हुए मरीजों को बड़ी राहत दे रहे हैं। इससे सिम्स के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ते जा रहा है और लगातार यहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है।



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