Student Suicide Case: बिलासपुर के रतनपुर स्थित एक निजी स्कूल में एक शिक्षिका द्वारा बेरहमी से पीटे जाने और अपमानित होने के बाद नौवीं कक्षा की एक छात्रा ने घर जाकर फांसी लगा ली। छात्रा के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। परिजनों ने स्कूल के शिक्षक और संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
By sarfraj memon
Publish Date: Tue, 23 Sep 2025 01:40:37 PM (IST)
Updated Date: Tue, 23 Sep 2025 01:45:41 PM (IST)

HighLights
- शिक्षिका ने छात्रा को बेरहमी से पीटा और घसीटा।
- घटना से आहत छात्रा ने घर जाकर आत्महत्या की।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रतनपुर क्षेत्र के नेवसा स्थित निजी स्कूल में छात्रा और उसके दोस्त की बेरहमी से पिटाई और बाल पकड़कर घसीटने का मामला सामने आया है। इस घटना से आहत छात्रा ने अपने घर जाकर फांसी लगा ली। उसके शरीर पर डंडों से पिटाई के निशान है। स्वजन ने पूरे मामले की शिकायत रतनपुर थाने में की है। पुलिस स्वजन और स्कूल के विद्यार्थियों का बयान दर्ज कर रही है।
स्कूल के विद्यार्थियों के लिए बयान
रतनपुर क्षेत्र के नेवसा में रहने वाली पूनम रजक नौवीं कक्षा की छात्रा थी। छात्रा सोमवार की सुबह स्कूल गई थी। स्कूल से लौटने के बाद छात्रा अपने कमरे में चली गई। देर शाम स्वजन जब कमरे में गए तो कमरे में छात्रा की फांसी पर लटक रही थी। स्वजन ने तत्काल इसकी जानकारी मोहल्ले के लोगों को दी। साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। इस पर पुलिस देर शाम ही गांव पहुंच गई।
प्राथमिक पूछताछ के बाद कमरे को सील कर दिया गया। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि सोमवार को स्कूल में टीचर आतिश रात्रे ने छात्रा और उसके दोस्त की स्कूल में पिटाई की थी। इस दौरान उसने छात्रा के बाल पकड़कर स्कूल में घसीटा। आफिस रूम में ले जाकर छात्रा और उसके दोस्त की पिटाई की। छात्रा का दोस्त भी स्कूल में ही 11वीं का छात्र है। अब पुलिस स्कूल के विद्यार्थियों का बयान लेकर पूरे मामले की जांच कर रही है।
पति सरकारी टीचर, पत्नी चलाती है स्कूल
गांव के लोगों ने बताया कि रमेश साहू सरकारी स्कूल में टीचर है। उसकी पत्नी निजी स्कूल चलाती है। गांव के लोगों का आरोप है कि रमेश सरकारी स्कूल में पढ़ाने के बजाए अपने निजी स्कूल में ज्यादा रहता है। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। इसके बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ना ही उसका ट्रांसफर हो रहा है। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई है।