बिलासपुर में पूर्णिमा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की कार पेड़ से टकराई, दो की मौत

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January 3, 2026


हादसे में निलेश्वर और उनके दो अन्य साथी भी घायल हो गए। किसी ने हादसे की सूचना बेलगहना पुलिस को दी। तब बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर रामकुमार क …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 03 Jan 2026 07:32:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Jan 2026 07:33:46 PM (IST)

बिलासपुर में पूर्णिमा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की कार पेड़ से टकराई, दो की मौत
सड़क हादसे में वाहन का यह हाल हो गया।

HighLights

  1. किसी ने हादसे की सूचना पुलिस को दी।
  2. तब बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची।
  3. मौके पर रामकुमार की मौत हो गई थी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रायपुर से पूर्णिमा स्नान के लिए अमरकंटक जा रहे श्रद्धालुओं की कार बेलगहना क्षेत्र के ग्राम भसको के पास सड़क से उतरकर पेड़ से जा टकराई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं तीन घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद हादसे की सूचना मृतक के स्वजन को दी गई है। स्वजन के आने पर शव का पीएम कराया गया है।

बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ने बताया कि रायपुर खम्हारडीह थाना अंतर्गत कचना निवासी रामकुमार धीवर(45) अपने साथियों निलेश्वर धीवर (38) दलदल सीवनी, सुखसागर मानिकपुरी (39) निवासी मजेठा थाना खरोरा, अमित चंद्रवंशी निवासी दलदल सिवनी और राजकुमार साहू के साथ पुर्णिमा स्नान के लिए अमरकंटक जा रहे थे। कार निलेश्वर चला रहा था।

शनिवार सुबह करीब नौ बजे वे बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम भसको के पास पहुंचे थे। तभी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतरकर पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में रामकुमार धीवर और राजकुमार साहू को गंभीर चोटें आईं। हादसे में निलेश्वर और उनके दो अन्य साथी भी घायल हो गए।

किसी ने हादसे की सूचना बेलगहना पुलिस को दी। तब बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर रामकुमार की मौत हो गई थी। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल भेजा। रास्ते में राजकुमार ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों के शव को चीरघर भेज दिया। हादसे की सूचना पर स्वजन भी रतनपुर पहुंच गए। यहां उनका पीएम कराया गया।

फंस गया था शव, दो घंटे तक करनी पड़ी मशक्कत

हादसे की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसे के कारण कार बुरी तरह पिचक गई थी। इसके कारण रामकुमार का शव बुरी तरह फंस गया था। पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव को किसी तरह निकाला गया। इसके बाद उसे चीरघर भेजा गया।



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