मुंबई का पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को कार्रवाई के नाम पर डराया और इसके बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 57 लाख रुपये वसूल लिए। करीब दो दिन तक जालसाजों के भय से बुजुर्ग चुप रहे। बाद में उन्होंने स्वजन को इसकी जानकारी देकर शनिवार रात सिविल लाइन थाने में शिकायत की है।
By Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 03 Aug 2025 10:44:24 PM (IST)
Updated Date: Sun, 03 Aug 2025 10:44:24 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। बिलासपुर में जालसाजों ने खुद को मुंबई का पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को कार्रवाई के नाम पर डराया और इसके बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 57 लाख रुपये वसूल लिए। करीब दो दिन तक जालसाजों के भय से बुजुर्ग चुप रहे। बाद में उन्होंने स्वजन को इसकी जानकारी देकर शनिवार रात सिविल लाइन थाने में शिकायत की है। पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है।
पुलिस अधिकारी बताकर दिया घटना को अंजाम
सिविल लाइन टीआइ सुम्मत साहू ने बताया कि तारबाहर क्षेत्र में रहने वाले 68 वर्षीय बुजुर्ग के मोबाइल पर मंगलवार को अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग को बताया कि प्राइवेट कंपनी का डायरेक्टर नरेश गोयल करोड़ों रुपये के घोटाले में पकड़ा गया है। इसकी जांच मुंबई पुलिस कर रही है।
डिजिटल अरेस्ट कर वसूले 57 लाख रुपये
उसने बुजुर्ग को बताया कि उनके आधार कार्ड और बैंक एकाउंट से नरेश गोयल ने करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया है। इस मामले में बुजुर्ग को आरोपित बनाने की बात कहते हुए डराया गया। जब बुजुर्ग अपनी सफाई देने लगे तो जालसाजों ने जांच के बाद उन्हें छोड़ देने की बात कही। इसके लिए उन्हें अपने बैंक एकाउंट के सारे रुपये आरबीआइ के पास जमा कराने के लिए कहा गया। जालसाजों की बातों से डरे हुए बुजर्ग ने उनके बताए खाते में अपने एकाउंट में जमा 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
दो दिन तक स्वजन को नहीं बताई घटना
इस दौरान उन्हें घटना की जानकारी किसी को नहीं देने और पूरा मामला गोपनीय रखने की हिदायत दी गई थी। जालसाजों की धमकियों से डरे हुए बुजुर्ग दो दिन तक चुप रहे। बाद में उन्होंने पूरी बात स्वजन को बताई। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। बुजुर्ग की पत्नी हार्ट की मरीज हैं। इसलिए उन्होंने अपनी पहचान उजागर नहीं की है।