Body Worn Cameras For Railway Ticket Counter Staff: रेलवे ने अहम पहल करते हुए अब पीआरएस और यूटीएस के कर्मचारियों को कहा है कि उन्हें अब बॉडी वॉर्न कैमरे लगाकर ड्यूटी करनी होगी। इसकी मदद से कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नजर रखी जा सकेगी।
By Shiv Soni
Publish Date: Tue, 24 Jun 2025 02:52:33 PM (IST)
Updated Date: Tue, 24 Jun 2025 02:52:33 PM (IST)

HighLights
- रेलवे टिकट काउंटर स्टाफ को वॉर्न कैमरे लगाकर ड्यूटी करनी होगी
- कर्मचारियों के व्यवहार पर नजर रखने में मिलेगी मदद
- यात्री और रेल कर्मचारी दोनों के हित में है यह पहल
शिव सोनी नईदुनिया बिलासपुर: रेलवे के पीआरएस (रिजर्वेशन काउंटर) और यूटीएस (जनरल टिकट काउंटर) के कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे लगाकर ड्यूटी करनी होगी। दरअसल, टिकट काउंटर कर्मचारियों द्वारा बीच-बीच में अपने परिचितों, दलाल आदि के टिकट बनाए जाते हैं, जबकि काउंटर पर लंबी लाइन लगी होती है। इसको लेकर अक्सर विवाद उत्पन्न होता है। कई बार यात्री भी जानबूझकर उलझते हैं। लाइन में लगी भीड़ और कर्मचारियों के संवाद को इस कैमरे में रिकॉर्ड किया जा सकेगा, जिससे किसी विवाद की स्थिति में सटीक तथ्य सामने आ सकेंगे।
साथ ही कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए रेल मंडल से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे पहले रेलवे ने टिकट जांच स्टाफ के लिए यह व्यवस्था लागू की थी। वर्तमान में 50 स्टाफ ट्रेन व स्टेशन में कंधे पर कैमरा लगाकर ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी कुछ स्टाफ छूट गए है। इन्हें भी कैमरे दिए जाएंगे।
इसके साथ-साथ रिजर्वेशन व जनरल टिकट काउंटर के कर्मचारियों को भी बॉडी वॉर्न कैमरा देने की योजना बनाई गई है। इससे दोनों जगहों के कार्यों में पारदर्शिता आएगी। बिलासपुर रेल मंडल अभी यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में जोर दे रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और यात्रियों के बीच विश्वास को सुदृढ़ करना है। कैमरे खरीदने के लिए जोन मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलना तय भी है क्योंकि यह अच्छी पहल है और रेलवे कामकाज में सुधार आएगा। यह पहल दोनों पक्ष यात्री और रेल कर्मचारी के हित में है।
क्या है बॉडी वॉर्न कैमरा
बॉडी वॉर्न कैमरा एक छोटा, हल्का और पहनने योग्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस होता है, जिसे आमतौर पर किसी व्यक्ति के शरीर के ऊपरी हिस्से जैसे शर्ट की जेब, कॉलर या जैकेट पर लगाया जा सकता है। इस कैमरे की मदद से हाई क्वालिटी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है, जिससे किसी घटना या बातचीत का वास्तविक प्रमाण सुरक्षित रखा जा सकता है।
पीआरएस व यूटीएस कर्मचारी आने वाले दिनों बॉडी वॉर्न कैमरा लगाकर ड्यूटी करेंगे। टिकट चेकिंग स्टाफ की तरह शुरुआत में 40 से 50 स्टाफ को कैमरे दिए जाएंगे। इस योजना का प्रस्ताव बनाकर जोन मुख्यालय भेजा गया है, वहां स्वीकृति आने के बाद कैमरे खरीदे जाएंगे। मार्च 2026 तक सभी फ्रंट स्टाफ को कैमरे से लैस कर दिया जाएगा। -अनुराग कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम बिलासपुर रेल मंडल।