नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। वनमंडल के सीपत क्षेत्र में एक जंगली हाथी के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। पाली की दिशा से भटककर आए इस हाथी की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग का अमला सतर्क हो गया।
शनिवार की सुबह 5:30 बजे भरुवाडीह निवासी एक महिला की नजर हाथी पर पड़ी। वह जान बचाकर भागी। वह भागते समय गिरकर घायल हो गई। इसके अलावा हाथी ने एक प्लाट की फेंसिंग तोड़ दी। आसपास के कई खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। हाथी से संभावित खतरे को देखते हुए अधिकारी व कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हाथी शुक्रवार की रात इस क्षेत्र में पहुंचा है। शनिवार की सुबह भरुवाडीह निवासी संतबाई ऊईके लकड़ी लेने जंगल गई थी। इसी दौरान हाथी को देखकर वह जान बचाकर भागने लगी। इसके कारण कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण पुलिस के 112 वाहन की मदद लेनी पड़ी, जिसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली।
सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ग्रामीण महिला को बिलासपुर सिम्स रेफर कर दिया गया। हाथी ने भरुवाडीह में एक प्लाट की फेंसिंग तोड़ दी और आसपास के कई खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्राम पोड़ी निवासी सदाराम साहू की लगभग एक एकड़ फसल को हाथी ने पूरी तरह रौंद डाला, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
पीड़ित किसान ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा राशि की मांग की है। हाथी के जंगल में प्रवेश करने के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और खेत-खलिहानों में काम करने वालों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने तुरंत टीमों को सक्रिय कर रात में विशेष गश्त की व्यवस्था की है। गश्ती दल हाथी की स्थिति और उसके मूवमेंट पर लगातार नजर रख रहा है, जिससे वह मानव बस्ती की ओर न बढ़ सके और किसी तरह का नुकसान न हो।
वन विभाग ने तकनीक का भी सहारा लिया है। हाथी के मूवमेंट को समझने और उसकी सही लोकेशन की जानकारी के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। ड्रोन से हो रही निगरानी से अधिकारी हाथी की दिशा, जंगल में उसकी गतिविधियां तथा संभावित खतरे वाले इलाकों का आकलन कर रहे हैं।
हाथी के जल्द लौटने की उम्मीद
विभाग का मानना है कि यह हाथी प्रभावित क्षेत्र नहीं है, बल्कि जंगल में किसी दिशा भ्रम के कारण यहां तक आ गया है। संभावना जताई जा रही है कि खतरे की कोई स्थिति न बनने पर हाथी बिना नुकसान पहुंचाए खुद ही अपने मार्ग से वापस लौट जाएगा। इसके बावजूद वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। ग्रामीणों को सुझाव दिया जा रहा है कि हाथी के करीब न जाएं, भीड़ न लगाएं और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना वन अमले को दें।
हाथियों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं
सीपत क्षेत्र में दो वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर हाथी पहुंचा है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हाथी अकेले हैं या दल में हैं। विभाग केवल एक की पुष्टि कर रहा है। जबकि चार हाथी होने की बात कह रहे हैं। एक हाथी सीपत सर्किल के भरुवाडीह बीट में आबादी के बिल्कुल करीब पहुंच गया, जबकि तीन हाथी खोंधरा सर्किल की ओर बढ़ते देखे गए। शनिवार सुबह तक एक हाथी खोंदरा, सोंठी, कारीछापर, ठरकपुर मार्ग से होते हुए भरुवाडीह जंगल में पहुंच गया।
सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल की छुट्टी
क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भरुवाडीह प्राथमिक शाला में पाली के बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया। हाथी के गांव के नजदीक पहुंचने की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बच्चों को घर भेज दिया गया।