बिलासपुर में वोटर लिस्ट से कटेंगे 3.65 लाख नाम, मृत, लापता और शिफ्टेड वोटर बने वजह, शहरी क्षेत्र की स्थिति काफी खराब

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December 22, 2025


नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिले की नई वोटर लिस्ट अब पूरी तरह साफ-सुथरी होगी। प्रशासन की ताजा एसआईआर रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिले की मतदाता सूची में 3 लाख 65 हजार से अधिक ऐसे नाम हैं, जो विलोपन की श्रेणी में आते हैं। 18 दिसंबर तक हुई जांच में बड़ी संख्या में मृत और शहर छोड़ चुके लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज पाए गए हैं।

छह विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान में बड़ा खुलासा हुआ है। जिला निर्वाचन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के कुल 16.75 लाख वोटरों में से 13.09 लाख नाम ही अब तक शुद्ध रूप से सत्यापित हो पाए हैं। शेष नामों में बड़ी संख्या में बोगस या अपात्र मतदाताओं की पहचान की गई है।

सर्वे के दौरान चुनौती

सर्वे के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि यह पता लगाया जाए कि मतदाता अपने दर्ज पते पर रहते हैं या नहीं। जांच में सामने आया कि जिले में 1 लाख 4 हजार से अधिक लोग एब्सेंट या लापता हैं। इसी तरह 1.70 लाख लोग ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से अपना निवास छोड़कर अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन उनके नाम अब भी पुरानी जगह पर दर्ज हैं। इन सभी नामों को सूची से हटाने की तैयारी की जा रही है।

एसआईआर वेरिफिकेशन अभियान में मृतकों की पहचान सबसे अहम बिंदु रहा है। जिले में 71,752 ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब तक वोटर लिस्ट में दर्ज थे। प्रशासन अब इन नामों को हटाकर मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाएगा।

बिलासपुर शहरी क्षेत्र की स्थिति सबसे खराब

विधानसभा वार स्थिति देखें तो बिलासपुर शहर में सबसे ज्यादा लापरवाही सामने आई है। यहां की वोटर लिस्ट में करीब 35 प्रतिशत नाम गड़बड़ पाए गए हैं, जबकि कोटा विधानसभा की सूची जिले में सबसे बेहतर पाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीएलओ के जरिए घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के बाद अब फर्जी वोटिंग की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी।

दो बार बढ़ी अभियान की समय-सीमा

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की महत्ता और डेटा एंट्री के काम को देखते हुए निर्वाचन विभाग को इसकी अंतिम तिथि में दो बार बदलाव करना पड़ा। शुरुआत में 4 दिसंबर को अंतिम तारीख तय की गई थी। जमीनी स्तर पर सत्यापन का काम पूरा न होने के कारण इसे पहले 11 दिसंबर और फिर बढ़ाकर 18 दिसंबर किया गया, ताकि जिले का कोई भी मतदाता सत्यापन से न छूटे।

एसआईआर में सामने आई रिपोर्ट

मृत वोटर – 71,752 लिस्ट से हटाए जाएंगे

लापता या एब्सेंट – 1,04,200 जांच के दायरे में

शिफ्टेड वोटर – 1,70,019 दूसरे क्षेत्रों में चले गए

कुल संदिग्ध नाम – 3,65,869 विलोपन की तैयारी

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