मछली मारने गए ग्रामीण की करंट लगने से मौत, दोस्तों ने नदी में बहा दी लाश, 5 महीने बाद खुद जाकर उसके घरवालों को बताया

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December 16, 2025


पचपेड़ी थाना प्रभारी राज सिंह ने थाने का प्रभार संभालने के बाद गुम इंसान और पेंडिंग मामलों की फाइल निकालनी कर दी। इसी दौरान उन्होंने पुनीराम के संबंध …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 16 Dec 2025 06:01:56 PM (IST)Updated Date: Tue, 16 Dec 2025 07:21:15 PM (IST)

मछली मारने गए ग्रामीण की करंट लगने से मौत, दोस्तों ने नदी में बहा दी लाश, 5 महीने बाद खुद जाकर उसके घरवालों को बताया
गांववालों के साथ पुनीराम के स्वजन। इनसेट में पुनीराम का फाइल फोटो।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। पचपेड़ी क्षेत्र के कुकुकर्दी हरदी में रहने वाला ग्रामीण दोस्तों के साथ मछली मारने के लिए गया था। इसी दौरान करंट से ग्रामीण की मौत हो गई। साथियों ने उसकी लाश नाले में छुपा दी। रात को उन्होंने लाश शिवनाथ नदी में बहा दी। बारिश के कारण नदी के तेज बहाव में शव बह गया। चार महीने बाद साथियों ने इसकी जानकारी ग्रामीण के स्वजन को दी। गांव के लोगों के बीच हुए समझौते में चार लाख रुपये में दोनों पक्ष के बीच समझौता भी हो गया। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

यह है पूरा मामला

  • पचपेड़ी क्षेत्र के कुकर्दी हरदी में रहने वाले पुनीराम कंवर(45) किसान थे। जुलाई महीने में वे गांव के टूकचंद, सरजू, फिरंता कंवर और गोपी ध्रुव के साथ नाले में मछली मारने के लिए गए थे। उन्होंने मछली मारने के लिए पास के बिजली खंभे से करंट लगाया था।

  • इसी करंट की चपेट में आकर पुनीराम की मौत हो गई। इसे देख चारों साथी घबरा गए। उन्होंने बिजली का तार निकालकर पुनीराम की लाश नाले में छुपा दी। इसके बाद सभी घर लौट आए। रास्ते में ही उन्होंने तय कर लिया कि रात को आकर लाश को ठिकाने लगा देंगे।
  • उसी रात चारों अपने घर से निकलकर नाले तक आए। यहां चारों ने लाश को शिवनाथ नदी में बहा देने की बात तय की। इसके बाद चारों ने लाश को ले जाकर शिवनाथ में बहा दी। बारिश का मौसम होने के कारण शिवनाथ में तेज बहाव था। इसमें पुनीराम का शव बह गया।
  • चार महीने तक इसकी भनक गांव के लोगों को नहीं लगी। इसी बीच चारों ग्रामीण सप्ताह भर पहले पुनीराम के घर पहुंचे। उन्होंने पुनीराम के स्वजन को पूरी बात बता दी।
  • तब स्वजन सदमे में आ गए। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी पचपेड़ी पुलिस को दी। इधर स्वजन और आरोपित ने गांव के लोगों के बीच इस संबंध में चर्चा की। तब आपसी रजामंदी में आरोपित ने चार लाख रुपये दिए हैं।
  • पुलिस का दबाव बढ़ा तो हुए परेशान

    पचपेड़ी थाना प्रभारी राज सिंह ने थाने का प्रभार संभालने के बाद गुम इंसान और पेंडिंग मामलों की फाइल निकालनी शुरू कर दी। स्वजन ने 23 जुलाई को पचपेड़ी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी दौरान उन्होंने पुनीराम के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस ने गांव के लोगों से पुनीराम के संबंध में पूछताछ शुरू कि तो आरोपित घबरा गए। हत्या के मामले में फंसने के डर से आरोपित ने पूरे मामले की जानकारी गांव के लोगों को देकर स्वजन से बात की। तब पूरा मामला पुलिस के सामने आ गया। अब पुलिस इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जांच शुरू हुई तो गुमशुदा व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने आई है। इस मामले की जानकारी अधिकारियों को देकर विधिक राय मांगी गई है। अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    राज सिंह(एसआई) थाना प्रभारी पचपेड़ी



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