फरवरी के अंतिम पड़ाव में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। न्यूनतम तापमान बढ़कर 18.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से वातावरण …और पढ़ें

HighLights
- तापमान बढ़कर 18.8 डिग्री, अधिकतम 31.7 डिग्री दर्ज
- 23-24 फरवरी को हल्की वर्षा की संभावना जताई गई
- एक मार्च को पारा 38 डिग्री के पार जा सकता है
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। फरवरी के अंतिम पड़ाव में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। न्यूनतम तापमान बढ़कर 18.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से वातावरण में गर्माहट साफ महसूस होने लगी है। रात का तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक दर्ज हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में बादल, हल्की वर्षा और तापमान में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
फरवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ तापमान का बढ़ता रुख अब और स्पष्ट हो गया है। 20 फरवरी को न्यूनतम तापमान 18.7 से बढ़कर 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 31 से बढ़कर 31.7 डिग्री तक पहुंच गया। रात का पारा सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहने से ठंड का असर लगभग खत्म होने लगा है और वातावरण में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है।
बारिश होने की संभावना
मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय प्रभाव से मौसम में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। 21 फरवरी से बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जबकि 23 और 24 फरवरी को हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। 23 फरवरी को रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा के आसार हैं, वहीं 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ के पूर्वी हिस्सों सहित लगभग आधे प्रदेश में हल्की बरसात हो सकती है। 25 फरवरी को हल्के बादल बने रहेंगे, जबकि 26 फरवरी से दो मार्च तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। इसके बाद तीन और चार मार्च को फिर बादल छा सकते हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार एक मार्च को तापमान में तेज उछाल संभव है और पारा 38 डिग्री के पार जा सकता है।
बदलते मौसम के साथ सर्दी कम होने के बावजूद बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है।
बदलता तापमान संतुलन
इन दिनों तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है, जिससे मौसम का संतुलन बदल रहा है। रातें पहले से ज्यादा गर्म और दिन हल्के तपिश भरे महसूस हो रहे हैं। बादलों की मौजूदगी जमीन की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देती, जिससे ठंड कम और उमस बढ़ रही है। यही वजह है कि मौसम अब संक्रमण काल में प्रवेश कर चुका है, जहां सर्दी और गर्मी का मिला-जुला असर दिखाई देता है।
मौसम जनित बीमारियों का खतरा
दिन-रात के तापमान में तेजी से बदलाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। इस समय सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, एलर्जी और गले की समस्याएं बढ़ने लगती हैं। सुबह हल्की ठंड और दोपहर में गर्मी का अंतर परेशानी बढ़ा सकता है। डॉक्टरों की सलाह है कि पर्याप्त पानी पिएं, हल्के और परतदार कपड़े पहनें तथा बच्चों और बुजुर्गों को तापमान परिवर्तन से विशेष रूप से बचाएं।
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