बिलासपुर में पुलिस ने गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सूचना पर दबिश देकर पुलिस ने गांजे के साथ तस्कर मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस ने ओड़िसा से गांजे की डिलिवरी करने आये 2 अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मां पर पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है।
By Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 01 Aug 2025 03:30:49 PM (IST)
Updated Date: Fri, 01 Aug 2025 03:33:15 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सकरी पुलिस और एसीसीयू की कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की टीम ने 30 किलो गांजा, दो कार, ढाई लाख नकदी और मोबाइल समेत करीब 20 लाख 34 हजार रुपये का अवैध सामान जब्त करते हुए चार गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों में मां बेटा समेत चार लोग शामिल हैं। इनमें से दो आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं।
बुधवार को सूचना मिली थी कि चोरभट्ठी खुर्द, मुसलमान मोहल्ला निवासी कांति पांडेय और उसका बेटा गिरीश चंद पांडेय अपने घर के सामने ओडिशा से मंगवाए गए गांजे की बोरियां कार में भर रहे हैं। इस पर सकरी पुलिस और एसीसीयू की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो मां-बेटा कार का दरवाजा बंद कर घर में चले गए। पुलिस ने उन्हें बाहर बुलाकर पूछताछ की। पुलिस ने तलाशी लेकर बलेनो कार से 30 किलो गांजा जब्त किया।
पूछताछ में मां बेटा ने बताया कि ओडिशा से दीपक गंडा और दिलेश्वर नायक नामक युवक गांजा लेकर आए थे। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर सकरी थाने के समाने दूसरी कार से दोनों ओडिशा निवासी आरोपियो को भी पकड़ लिया। पुलिस ने कांति पांडेय (46) और गिरीश चंद पांडेय (30) निवासी चोरभट्ठी खुर्द, दिलेश्वर नायक (35) निवासी भठली, जिला बरगढ़ ओडिशा और दीपक गंडा (28) निवासी अंबाभना, जिला बरगढ़ ओडिशा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को लालच, बेटा को आरोपी बना रही थी मां
आरोपी महिला कुछ दिन पहले ही कवर्धा जिले के एक व्यक्ति के साथ गांजा के साथ पकड़ी गई थी। इस मामले में वह अभी जमानत पर है। इससे पहले भी पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस बार भारी मात्रा में गांजा के साथ वह पकड़ी गई थी।
इस मामले में जेल जाने से महिला डर रही थी। इसके कारण उसने पुलिस कर्मियों को गुमराह करते हुए अपने बेटे को आरोपी बनाने के लिए कहती रही। इसके लिए उसने पुलिसकर्मियों को लालच भी देने की कोशिश की। इधर पुलिस कर्मियों ने सूचना के आधार पर पहले ही महिला आरक्षकों को बुला लिया था। इसके कारण उसकी चालाकी पुलिस के सामने नहीं चली।
गांजा छोड़ने के बाद लापरवाह थे तस्कर
ओडिशा से गांजा लाने के बाद उसे आरोपी ने चोरभट्टी में छोड़ दिया था। इसके बाद वे रुपये लेकर लौट रहे थे। इसी बीच वहां पुलिस की टीम धमक गई। थोड़ी ही देर में पुलिस को पता चल गया कि तस्कर ओडिशा के लिए निकल गए हैं। इधर गांजा छोड़ देने के कारण तस्कर बेखौफ हो गए थे। पुलिस की जांच के दौरान उन्होंने आसानी से कार रोक दी। पुलिस की टीम ने उन्हें आसानी से दबोच लिया। थाने जाने के बाद उन्हें पता चला कि जिन लोगों को उन्होंने गांजा की सप्लाई की है वे पकड़े गए हैं।
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कार में ही छोड़ दिए थे ढाई लाख रुपये
पुलिस की टीम ने महिला और उसके बेटे से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर ओडिशा जा रहे तस्करों को पकड़ लिया। इस दौरान गांजा बिक्री से मिले रुपये उनकी कार में ही थी। जब महिला और उसके बेटे को थाने लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि तस्करों को नकद ढाई लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद पुलिस ने रुपये के संबंध में पूछताछ की। तब आरोपी युवकों ने बताया कि रुपये कार में ही छुपाकर रखा गया है। पुलिस ने रुपये जब्त कर लिया है।