सिम्स के ईएनटी विभाग की प्रमुख डॉ. आरती पांडेय के 19 साल के बेटे ने अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। उसके वजन से पंखा टूटकर फर्श पर गिर गया, लेकिन गले में फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। घटना का पता तब चला जब डॉक्टर दंपती छठ पूजा से लौटकर घर आए।
By Anil Kurre
Publish Date: Mon, 27 Oct 2025 01:33:29 AM (IST)
Updated Date: Mon, 27 Oct 2025 01:33:29 AM (IST)

HighLights
- सिम्स के ईएनटी विभाग की प्रमुख के बेटे ने की सुसाइड
- उसके वजन से पंखा टूटकर फर्श पर गिर गया
- लेकिन गले में फंदा कसने से उसकी मौत हो गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सिम्स के ईएनटी विभाग की प्रमुख डॉ. आरती पांडेय के 19 साल के बेटे ने अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। उसके वजन से पंखा टूटकर फर्श पर गिर गया, लेकिन गले में फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। घटना का पता तब चला जब डॉक्टर दंपती छठ पूजा से लौटकर घर आए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सिविल लाइन टीआई सुम्मत साहू ने बताया कि डॉ. आरती पांडेय चंद्रा पार्क में रहती हैं। उनके पति डॉ. आशुतोष तिवारी भी डॉक्टर हैं। शनिवार की रात दंपती छठ पूजा में शामिल होने गए थे। उनका बेटा आयुष्मान तिवारी (19) घर पर अकेला था। रात करीब 10:30 बजे जब वे लौटे तो आयुष्मान फर्श पर पड़ा मिला। छत का पंखा जमीन पर गिरा था। पंखे पर रस्सी बंधी थी और उसका दूसरा सिरा आयुष्मान के गले में था। घटना देखकर डॉक्टर दंपती चीखने लगे। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और उन्हें संभाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
शव को कब्जे में ले लिया
जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। सोमवार को शव का पीएम कराया जाएगा और अंतिम संस्कार होगा। डॉ. आरती पांडेय सिम्स के ईएनटी विभाग की प्रमुख हैं। वे संस्थान में कई दायित्व संभाल चुकी हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहती हैं। घटना की जानकारी मिलते ही सिम्स के डॉक्टर और कर्मचारी उनके घर पहुंचे। परिचित और रिश्तेदार भी देर रात तक घर पर मौजूद रहे।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आयुष्मान की मानसिक स्थिति पिछले पांच साल से ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। आशंका है कि लंबे इलाज और परेशानी के कारण उसने फांसी लगाई। फिलहाल परिवारजन से कोई बयान नहीं लिया गया है। सोमवार सुबह पुलिस पूछताछ कर आगे की जानकारी जुटाएगी।