बिलासपुर के पचपेड़ी क्षेत्र में जबरन मतांतरण करवाने की कोशिश का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो पास्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग ग्रामीणों को मतांतरण के लिए बहका रहे थे। हिंदू संगठनों ने इसकी शिकायत की, जिसपर कार्रवाई की गई।
By sarfraj memon
Publish Date: Mon, 08 Sep 2025 12:03:42 PM (IST)
Updated Date: Mon, 08 Sep 2025 12:40:51 PM (IST)

HighLights
- बिलासपुर के पचपेड़ी क्षेत्र में मतांतरण का प्रयास
- मामले में 2 पास्टर समेत 3 के खिलाफ FIR दर्ज
- लोगों को मतांतरण के लिए बहकाया जा रहा था
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। बिलासपुर के पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम सुकुलकारी में रविवार को माथांतरण के प्रयास का बड़ा मामला सामने आया। यहां दो अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीणों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस सूचना पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सक्रिय हुए और पुलिस की मदद से इस प्रयास को रोक दिया गया। मामले में पुलिस ने दो पास्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
हिंदूवादी संगठनों को जानकारी मिली थी कि गांव में कुछ लोग सभा कर ग्रामीणों को लालच और प्रलोभन देकर मतांतरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सूचना पर जिले के संयोजक गौरव, सह संयोजक बाबा शर्मा और अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सभा स्थल पर करीब 100 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें महिलाएं, युवतियां और पुरुष शामिल थे।
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। पचपेड़ी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मंजिश सिंह (38) की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी पास्टर ईश्वर महिलांग, विनोद महिलांग और दीपांशु बंजारे के खिलाफ मामला दर्ज किया।
लोगों को मतांतरण के लिए बहका रहे थे आरोपी
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा लोगों को मतांतरण के लिए बहकाया जा रहा था। इस दौरान सभा में शामिल लोगों को विभिन्न प्रलोभन भी दिए जाने की बात सामने आई है।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय ये मतांतरण एक बढ़ा मुद्दा बना हुआ है। हाल हीं दुर्ग रेलवे स्टेशन से मतांतरण और मानव तस्करी के शक में 2 ननों की गिरफ्तारी हुई थी, जो कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक मुद्दा बन गया था। प्रदेश में आए दिन ऐसे मतांतरण करवाने और मतांतरण की कोशिश के मामले सामने आते रहते हैं।
वहीं राज्य सरकार की ओर से भी जबरन मतांतरण करवाने को लेकर कड़ा कानून लाने की बात कही जा रही है, हालां कि अब तक इस दिशा में कोई ठोष कदम नहीं उठाया गया है।