CG High Court ने अस्पतालों की अव्यवस्थों को लेकर जताई नाराजगी, स्वास्थ्य सचिव को दिए ये निर्देश

Author name

August 13, 2025


छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिल्हा सीएचसी और रायपुर डॉ. आंबेडकर अस्पताल में मामले में सुनवाई करते हुए अस्पतालों की अव्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, जांच सुविधा में खामियां और मरीजों की भीड़ को गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव को फटकार लगाई है।

By Roman Tiwari

Publish Date: Wed, 13 Aug 2025 03:32:57 PM (IST)

Updated Date: Wed, 13 Aug 2025 03:34:59 PM (IST)

CG High Court ने अस्पतालों की अव्यवस्थों को लेकर जताई नाराजगी, स्वास्थ्य सचिव को दिए ये निर्देश
हाई कोर्ट में चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर सुनवाई

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने कहा- रीएजेंट की सप्लाई नहीं होने से जांच हो रही प्रभावित
  2. डाक्टरों की कमी, रात में आपरेशन न हो पाने पर कोर्ट ने जताई चिंता
  3. चिकित्सा सचिव को दिए आवश्यक निर्देश, अगली सुनवाई 17 सितंबर को

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश के अस्पतालों में अव्यवस्थाओं, डॉक्टरों की कमी, जांच सुविधा में खामियां और मरीजों की भीड़ को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डबल बेंच ने सोमवार को सीएचसी बिल्हा बिलासपुर और डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल रायपुर से जुड़े मामले में सुनवाई की।

अस्पताल की स्थिति

आंबेडकर अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक होता है और आपातकालीन मरीजों के लिए कैजुअल्टी वार्ड 24 घंटे खुला है। जुलाई में यहां 52,278 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि अगस्त के पहले आठ दिनों में 15,039 मरीज आए। अस्पताल प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन से डाक्टर तक पहुंचने में 48 घंटे लगने की खबर को गलत बताया। डीकेएस अस्पताल में भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, जुलाई में 7,206 व अगस्त के आठ दिनों में 2,061 मरीज आए।

बिल्हा सीएचसी की हकीकत

सरकार ने शपथपत्र में बताया कि बिल्हा के 50 बिस्तरों वाले सीएचसी और मातृ-शिशु अस्पताल में 9 विशेषज्ञ डॉक्टरों में से 6 पद खाली हैं, साथ ही तीन पद पीजी मेडिकल ऑफिसर के भी खाली पड़े हैं। एनेस्थेटिस्ट न होने से आपातकालीन और रात में ऑपरेशन संभव नहीं हैं, हालांकि नियोजित सिजेरियन के लिए दूसरे केंद्र से डॉक्टर बुलाए जाते हैं।

अस्पताल में एक्स-रे और सोनोग्राफी मशीन मौजूद है और जुलाई 2025 में 426 एक्स-रे किए गए। “हमर लैब” 32 पैथोलाजी पैरामीटर पर जांच कर रही है, लेकिन रीएजेंट सप्लाई की दिक्कत से कुछ टेस्ट प्रभावित हैं।

कोर्ट ने दिए जरूरी निर्देश

अदालत ने पाया कि डाक्टरों के कुछ पद खाली हैं, अस्पतालों में भीड़ अधिक है, रीएजेंट की कमी के कारण कुछ जांचें नहीं हो पा रही हैं और रात में चिकित्सा सुविधा सीमित है। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने प्रयास किए हैं, लेकिन यह मरीजों की संख्या के मुकाबले नाकाफी हैं।



Source link