TB Treatment: अब टीबी मरीजों का इलाज महज 4 से 6 महीने में संभव होगा। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) अंतर्गत CIMS (Chhattisgarh Institute of Medical Sciences) में टीबी मरीजों के लिए बनाई गई नई दवा बीपाल्म रेजिम से इलाज किया जाएगा।
By Himadri Singh Hada
Publish Date: Thu, 26 Jun 2025 11:09:11 AM (IST)
Updated Date: Thu, 26 Jun 2025 11:09:11 AM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित मरीजों के लिए अब राहत की खबर है। सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में अब ऐसी नई दवा दी जा रही है, जिससे मरीजों को 4 से 6 महीनों में ठीक किया जा सकेगा। इस नई दवा थैरेपी का नाम बीपाल्म रेजिम (BPaLM Regimen) है, जो राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
अब तक टीबी के इलाज में जहां 9 से 18 महीनों का वक्त लगता था और मरीजों को 7-9 गोलियां रोज लेनी पड़ती थीं, वहीं अब यह कोर्स चार दवाओं के साथ सिर्फ 6 महीनों में पूरा होगा।
क्या है बीपाल्म रेजिम?
बीपाल्म रेजिम में शामिल हैं चार प्रमुख दवाएं-
- बेडाक्विलाइन (Bedaquiline)
इन चारों दवाओं को रोजाना लेने से टीबी का इलाज तेज़ी से होता है और मरीज जल्दी रिकवर करते हैं। बुधवार को सिम्स के डीआरटीबी वार्ड में इस दवा का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में डॉक्टर और अधिकारी मौजूद रहे।
मरीजों को निशुल्क दी जाएगी दवा
सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि यह दवा करीब 1 लाख रुपये की आती है, लेकिन राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इसे मरीजों को मुफ्त दिया जा रहा है। यह उन मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
जिले में 1,696 सक्रिय टीबी मरीज
फिलहाल बिलासपुर जिले में 1,696 टीबी मरीज सक्रिय हैं। सभी मरीजों को अब बीपाल्म रेजिम से उपचार मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मरीज समय पर दवा लेते हैं तो वह 6 महीने में पूर्णत: स्वस्थ हो सकते हैं।
2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य
भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में यह नई बीपाल्म रेजिम एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ना सिर्फ इलाज को आसान बनाता है बल्कि मरीजों में दवा के प्रति जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाता है।
उपस्थित रहे ये प्रमुख चिकित्सा अधिकारी
- डॉ. प्रतीक कुमार (रेस्पिरेटरी मेडिसीन विभाग)
- डॉ. मधुमिता मूर्ति
- डॉ. अमित श्रीवास्तव
- डॉ. अनिल डडसेना
- डॉ. आकांक्षा गुप्ता
- डॉ. योगेश, डॉ. विद्या आदि