CG News: जादुई कलश को विदेश में बेचकर करोड़ों की कमाई का झांसा देकर प्रदेश के अलग-अलग जिले में 1 करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी करने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में जशपुर पुलिस ने चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। मामले का मास्टरमाइंड आरोपित फरार है।
Publish Date: Fri, 12 Sep 2025 10:22:59 PM (IST)
Updated Date: Fri, 12 Sep 2025 10:22:59 PM (IST)

नईदुनिया न्यूज, पत्थलगांव। जादुई कलश को विदेश में बेचकर करोड़ों की कमाई का झांसा देकर प्रदेश के अलग-अलग जिले में 1 करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी करने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में जशपुर पुलिस ने चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। मामले का मास्टर माइंड आरोपित फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि मामला पुलिस के सामने 7 सितंबर को उस समय सामने आया ज़ब पत्थलगांव थाना में प्रार्थिया अमृता बाई ने शिकायत की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 ने आरोपित तुरेन्द्र कुमार उर्फ़ मनीष दिव्य और राजेंद्र दिव्य के साथ प्रकाश धृतलहरे और उपेंद्र सारथी ने उसे बताया कि कोरबा जिले के मड़वारानी के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में एक जादुई कलश मिला है। जिसकी कीमत करोड़ों में है। इस कलश को विदेश में बेचने से करोड़ों रुपये मिलने वाला है। इस राशि को चुने हुए लोगों को अनुदान के रूप में 1 से 5 करोड़ रुपये दिया जाएगा। इसके लिए आरपी ग्रुप कंपनी से जुड़ना होगा। शातिरों ने कंपनी से जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन और केवाईसी शुल्क के रूप में 2500 रुपये ले लिए।
राशि देने के चार साल बाद भी कुछ ना मिलने ओर पीड़िता ने आरोपितों से संपर्क किया तो टालमटोल करने लगे। पीड़िता की शिकायत पर कांसाबेल पुलिस ने आरोपितो के विरुद्ध धारा 420,34 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एसएसपी सिंह ने बताया जांच में इन शातिरों द्वारा जशपुर के अलावा सरगुजा और बिलासपुर संभाग में 1 करोड़ 90 लाख की ठगी करने की पुष्टि हुई है। ठगो के इस गिरोह को पकड़ने के लिए एसएसपी ने पत्थलगांव के टीआई विनीत पांडे के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।
एसआईटी की अब तक की जांच में इस गिरोह के द्वारा जशपुर, कोरबा, विलासपुर और रायगढ़ जिले में ठगी करने का मामला सामने आया है। एसएसपी का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में ठगी की रकम बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोरबा जिले के भदरापारा निवासी तुरेन्द्र उर्फ़ मनीष दिव्य (38), जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के गोढ़ीकला निवासी प्रकाशचंद्र धृतलहरे (40), रायपुर के कबीर नगर निवासी राजेंद्र कुमार दिव्य (46) और सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के लीचीरमा निवासी उपेंद्र कुमार (56) को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा ने जेल भेज दिया है। वही इस पूरे मामले का मास्टर माइंड महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर फरार है।
ठगी के लिए बनाई फर्जी कंपनी
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने जानकारी दी कि उन्हें मुख्य आरोपित महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर ने बताया था कि उसके पास एक जादुई कलश है जो चावल को अपनी ओर खींचता है। महंगे धातु से बने इस कलश की कीमत विदेशों में अरबों रुपये है। वह इतनी बड़ी रकम अकेले नहीं ले सकता इसलिए 20 लोगों के साथ मिल कर एक कंपनी बनाया गया है। इस कंपनी का मुखिया उसे नियुक्त किया गया है। कंपनी के प्रत्येक सदस्य को अनुदान के रूप में एक से पांच करोड़ तक दिया जाएगा। सदस्य बनाने के नाम पर शातिरों ने 25 से 70 हजार रुपये की ठगी की है ।
पत्थलगांव में दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान ठगी का यह बड़ा मामला उजागर हुआ है। अब तक की जांच में जशपुर,कोरबा,सरगुजा में 1 करोड़ 90 लाख की ठगी की पुष्टि हुई है। जांच जारी है,ठगी की रकम बढ़ सकती है। इस मामले में चार आरोपितो को गिरफ्तार किया गया है। बाकी की तलाश जारी है। – शशि मोहन सिंह,एसएसपी,जशपुर।