Chhattisgarh HC ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती पर सरकार का आदेश बदला, दिया यह फैसला

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September 13, 2025


छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों के रिक्त पदों को प्रत्यक्ष भर्ती के सरकार के अधिसूचना को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि है छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की भर्ती केवल प्रमोशन के आधार पर होगी।

Publish Date: Sat, 13 Sep 2025 12:50:28 PM (IST)

Updated Date: Sat, 13 Sep 2025 01:58:48 PM (IST)

Chhattisgarh HC ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती पर सरकार का आदेश बदला, दिया यह फैसला
मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों के प्रत्यक्ष भर्ती की अनुमति रद्द (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. सरकार की अधिसूचना रद, कोर्ट ने कहा-प्रत्यक्ष भर्ती असंवैधानिक
  2. प्रमोशन एसोसिएट प्रोफेसरों का संवैधानिक अधिकार: हाई कोर्ट
  3. सरकार ने एकमुश्त प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता खोला था

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद कर दिया है, जिसमें मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों के रिक्त पदों को प्रत्यक्ष भर्ती से भरने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर पद पर भर्ती केवल 100 प्रतिशत प्रमोशन के आधार पर ही होगी।

यह है पूरा मामला

सरकार ने 10 दिसंबर 2021 को अधिसूचना जारी कर एकमुश्त (वन टाइम) छूट देते हुए प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता खोला था। इसका विरोध करते हुए राज्यभर के दर्जनों एसोसिएट प्रोफेसरों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। उनका तर्क था कि 2013 की भर्ती नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रोफेसर पद पर भर्ती केवल प्रमोशन से होगी।

राज्य सरकार ने ये दी दलील

सरकार ने कोर्ट में कहा कि नए मेडिकल कॉलेज खुलने और सीटें बढ़ने से बड़ी संख्या में प्रोफेसरों की जरूरत है। अभी 242 प्रोफेसरों और 396 एसोसिएट प्रोफेसरों के पद स्वीकृत हैं, जबकि योग्य प्रोफेसरों की संख्या कम है। अगर तुरंत भर्ती नहीं की गई तो मेडिकल शिक्षा पर संकट आ सकता है। इसी कारण सीधी भर्ती की छूट दी गई थी।

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यह सुनाया फैसला

कोर्ट ने सरकार की दलील खारिज करते हुए कहा कि, भर्ती नियमावली 2013 के नियम छह में स्पष्ट लिखा है कि प्रोफेसर के पद पर 100 प्रतिशत प्रमोशन से ही भर्ती होगी। किसी भी अधिसूचना से भर्ती नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता। कर्मचारियों को प्रमोशन का अवसर मिलना संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रत्यक्ष भर्ती से प्रभावित नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि योग्य एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रमोशन दिया जाए।



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