Chhattisgarh HC ने खारिज की आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर जनहित याचिका, कहा- अंतिम रिजल्ट के बाद दें चुनौती

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September 11, 2025


छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग चयन परीक्षा को लेकर दायर की गई जनहित याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा की प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी। अंतिम परिणाम आने के बाद जिन्हें आपत्ति हो, वे उचित मंच पर चुनौती दे सकते हैं।

Publish Date: Thu, 11 Sep 2025 03:44:15 PM (IST)

Updated Date: Thu, 11 Sep 2025 03:45:14 PM (IST)

Chhattisgarh HC ने खारिज की आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर जनहित याचिका, कहा- अंतिम रिजल्ट के बाद दें चुनौती
आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर जनहित याचिका खारिज

HighLights

  1. आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर जनहित याचिका हाई कोर्ट में खारिज
  2. हाई कोर्ट ने अंतिम परिणाम आने के बाद चुनौती देने की बाद कही
  3. गड़बड़ी के आरोपी लोगों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का आरोप

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग चयन परीक्षा 2023-24 में गड़बड़ी के आरोपों पर दाखिल जनहित याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका 8 अभ्यर्थियों ने मिलकर दायर की थी।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता बी.पी. सिंह ने कहा कि जिन पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे, उन्हें फिर से चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। राज्य की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि गड़बड़ी सामने आने पर जांच कराई गई और कुछ जिलों में अनियमितता साबित भी हुई, जिस पर कार्रवाई की गई।

कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ताओं में से 4 अभ्यर्थी 14 सितंबर 2025 को होने वाले फिजिकल वेरिफिकेशन में शामिल होंगे। अदालत ने कहा कि अन्य अभ्यर्थी अंतिम नियुक्ति के बाद उचित मंच पर चुनौती दे सकते हैं। अंततः याचिका वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दी गई।

क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग चयन परीक्षा 2023-24 का आयोजन किया गया था, जिसके परिणाम को लेकर कुछ अभ्यार्थी संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप था कि चयन की प्रकिया में गड़बड़ी की गई है। जिन 4 लोगों पर पहले से गड़बड़ी के आरोप लगे थे, उन्हें दोबारा चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया। वे 4 अभ्यार्थी फिजिकल वेरिफिकेशन में शामिल होंगे जिसे लेकर अभ्यार्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

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वहीं हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अंतिम चुनौती के बाद जिन अभ्यार्थियों को परिणाम से आपत्ति होगी, वे उसे चुनौती दे सकते हैं।



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