Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में आयोजित PWD सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में रविवार को हाईटेक नकल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हाईटेक वाली नकल का पर्दाफाश हुआ है जिसने सिस्टम पर फिर एक बार सवाल खड़ा कर दिया है। चलिए, आपको बताते हैं कि क्या-क्या मिला है।
By Akash Pandey
Publish Date: Mon, 14 Jul 2025 08:31:31 AM (IST)
Updated Date: Mon, 14 Jul 2025 09:11:03 AM (IST)

HighLights
- सब इंजीनियर परीक्षा में हाईटेक नकल कांड।
- अंडरगारमेंट में स्पाई कैमरा जांच के दौरान मिले।
- NSUI ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ।
नई दुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित PWD सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में रविवार को हाईटेक नकल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जशपुर से आई महिला परीक्षार्थी अन्नू सूर्या ने अंडरगारमेंट में स्पाई कैमरा और कान की बाली में ईयरफोन छिपाकर परीक्षा में नकल करने की कोशिश की। बाहर बैठी उसकी छोटी बहन अनुराधा वॉकीटॉकी और टैबलेट से उसे उत्तर दे रही थी।
पूरा मामला तब सामने आया जब NSUI के पदाधिकारियों ने इस संदिग्ध गतिविधि को पकड़ा और केंद्राध्यक्ष को सूचित किया। जांच के बाद पुलिस ने दोनों बहनों को हिरासत में ले लिया है।
कैसे हुआ नकल का खुलासा
अन्नू सूर्या जशपुर से अपनी बहन के साथ कार में बिलासपुर आई थी। परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचने के बाद, बाहर बैठी अनुराधा ने टैबलेट और वॉकीटॉकी से नकल कराने का सेटअप तैयार किया। कार ड्राइवर को शक होने पर उसने अनुराधा को कार से उतार दिया और जानकारी NSUI के विकास सिंह को दे दी। अनुराधा फिर एक ऑटो से वहां पहुंच गई और ऑटो में बैठकर नकल कराने लगी। विकास सिंह ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ा।
स्पाई गैजेट का इस्तेमाल
पुलिस जांच में अन्नू के अंडरगारमेंट में छिपाया गया स्पाई कैमरा और बाली में लगाया गया ईयरफोन बरामद हुआ। इनकी मदद से वह प्रश्न पत्र बाहर भेज रही थी और उत्तर सुनकर हल कर रही थी। पुलिस ने बताया कि अन्नू ने परीक्षा समाप्त होने से 15 मिनट पहले ही 100 प्रश्न हल कर लिए थे।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
सीएसपी सिद्धार्थ बघेल ने बताया कि दोनों युवतियों से पूछताछ की जा रही है। उनके पास मिले उपकरणों की जांच की जा रही है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
NSUI की मांग:
घटना के बाद NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय भी केंद्र पहुंचे और व्यापम परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।