Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है।। मौसम विभाग के मुताबिक, 25 और 26 जून से पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बिलासपुर क्षेत्र में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार सक्रिय हो रहे मौसमी सिस्टम इसका मुख्य कारण है।
By Mohan Kumar
Publish Date: Tue, 24 Jun 2025 08:06:34 AM (IST)
Updated Date: Tue, 24 Jun 2025 08:11:47 AM (IST)

HighLights
- छत्तीसगढ़ में पूरी तरह बदल गया मौसम का मिजाज
- छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 25 जून से तेज बारिश की संभावना
- दो से तीन दिन तक चल सकता है बारिश का दौर
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सोमवार को दिनभर छाए रहे बादलों के बीच शाम होते-होते आसमान में काले घने बादल उमड़ आए और शहर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, 25 और 26 जून से पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बिलासपुर क्षेत्र में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटे से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। लगातार सक्रिय हो रहे मौसमी सिस्टम इसका मुख्य कारण हैं। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सिस्टम्स के संयुक्त असर से पूरे प्रदेश में बादल छाए हुए हैं और बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह और तेज होंगी।
वर्तमान में एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय है, जो 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी भागों में भी एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवात बना हुआ है, जो तटीय आंध्र प्रदेश के पास समुद्र से सटे इलाकों और दक्षिण ओडिशा तट के ऊपर विस्तारित है। इन सभी सिस्टमों के असर से नमी आई है।
आज ऐसा रहेगा शहर का मौसम
बिलासपुर में मंगलवार को सोमवार जैसी ही स्थिति बने रहने की संभावना है, जहां दिनभर बादल छाए रहेंगे और शाम को हल्की बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने और वज्रपात की भी आशंका बनी हुई है, जिससे सतर्कता जरूरी है।
वहीं मौसम विभाग ने साफ किया है कि 25 और 26 जून को प्रदेश में व्यापक वर्षा होने के पूरे आसार हैं। खासकर बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और सरगुजा संभाग में भारी बारिश हो सकती है। यह दौर दो से तीन दिन तक चल सकता है। किसानों और प्रशासन को इसके अनुरूप तैयारी की सलाह दी गई है।
भीगने से बचें, पेड़ का ना लें सहारा
मौसम में तेजी से आ रहे बदलाव और बढ़ती नमी के चलते वायरल संक्रमण, खांसी-जुकाम, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डाक्टरों का कहना है कि बारिश के पानी से बचें, भीगने के तुरंत बाद कपड़े बदलें और शरीर को सूखा रखें। साथ ही वज्रपात के खतरे को देखते हुए बारिश या अंधड़ के समय खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े न हों। खेतों में काम करने वाले सतर्क रहें।