Indian Railways News: बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने इस महत्वपूर्ण ट्रेन को आधुनिक एलए …और पढ़ें

HighLights
- 30 मार्च से बिलासपुर से होगी नई शुरुआत
- सीटों की संख्या और सुरक्षा में बढ़ोतरी
- कम शोर, कम कंपन और बेहतर यात्रा अनुभव
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन का सफर अब पहले से कहीं अधिक आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक होने जा रहा है। रेलवे ने इस ट्रेन में पुराने आईसीएफ कोच हटाकर आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का निर्णय लिया है। इससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों में भी बड़ा सुधार होगा।
रेलवे का आधुनिकरण अभियान
यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे लगातार ट्रेनों के आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में बीते कुछ वर्षों से आईसीएफ कोच को चरणबद्ध तरीके से हटाकर एलएचबी कोच जोड़े जा रहे हैं। अधिकांश ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है, जबकि कुछ पुरानी और प्रमुख ट्रेनों में अब भी यह प्रक्रिया जारी है। नर्मदा एक्सप्रेस इन्हीं ट्रेनों में शामिल थी।
बिलासपुर मंडल की प्रमुख ट्रेन
नर्मदा एक्सप्रेस बिलासपुर रेल मंडल की सबसे पुरानी और व्यस्त ट्रेनों में से एक है। सालभर इस ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। पुराने कोच होने के कारण यात्रियों को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता था। अब एलएचबी कोच लगने से यात्रियों की यह समस्या दूर हो जाएगी।
कब से चलेगी एलएचबी कोच के साथ ट्रेन
18234/18233 बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस बिलासपुर से 30 मार्च से तथा इंदौर से 31 मार्च से एलएचबी कोच के साथ संचालित की जाएगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, अधिक आराम और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
सीटों की संख्या और स्पेस में बढ़ोतरी
एलएचबी कोच लगने से ट्रेन में सीटों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा कोच के भीतर अधिक जगह होने से यात्रियों को सामान लेकर चलने में परेशानी नहीं होगी।
एलएचबी कोच की प्रमुख विशेषताएं
- एलएचबी कोच में ब्रेक लगाते समय झटके कम लगते हैं।
- ये कोच कम मेंटेनेंस वाले और अधिक टिकाऊ होते हैं।
- इनमें बेहतर एसी, लाइटिंग और बायोटॉयलेट की सुविधा होती है।
- आग लगने की संभावना कम होती है और शोर व कंपन भी न्यूनतम रहता है।
- दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ती है।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार क्षमता
एलएचबी कोच की डिजाइन इस प्रकार की गई है कि इनसे चलने वाली ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे तक की गति से संचालित किया जा सकता है। जबकि पुराने आईसीएफ कोच की अधिकतम सुरक्षित गति 110 से 120 किमी प्रति घंटे ही होती है।