ई-समन ऐप व पोर्टल में कोर्ट से तत्काल मिलेगी जानकारी, CG पुलिस ने ली ट्रेनिंग

Author name

August 4, 2025


ई-समन ऐप (e-summon app) और पोर्टल उपयोग को लेकर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण। साइबर अपराध, ई-साक्ष्य, ई-चालान और अब ई-समन जैसे डिजिटल माध्यम पुलिस कार्यवाही में आवश्यक रूप से शामिल किए जा रहे हैं।

By Mohammad Safraj Memon

Publish Date: Mon, 04 Aug 2025 12:35:56 PM (IST)

Updated Date: Mon, 04 Aug 2025 12:35:56 PM (IST)

ई-समन ऐप व पोर्टल में कोर्ट से तत्काल मिलेगी जानकारी, CG पुलिस ने ली ट्रेनिंग
ई-समन मोबाइल ऐप और पोर्टल के उपयोग के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ पुलिस टीम को मिली ट्रेनिंग।
  2. मैनपावर और समय की बचत होगी।
  3. एप का उपयोग करने जानकारी दी गई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: पुलिसिंग को आधुनिक और दक्ष बनाने के उद्देश्य से रविवार को बिलासागुड़ी में ई-समन मोबाइल ऐप और पोर्टल के उपयोग के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों, कोर्ट मोहर्रिरों एवं समन आरक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को एप का उपयोग करने जानकारी दी गई।

पुलिस टीम को मिली ट्रेनिंग

प्रशिक्षण के दौरान जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वेंसेस्लास टोप्पो ने समन की आनलाइन प्रक्रिया, तामीली और रिपोर्टिंग से संबंधित सभी पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से न्यायालय द्वारा जारी समन की पूरी जानकारी प्राप्त कर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि ई-समन ऐप के माध्यम से न केवल मैनपावर और समय की बचत होगी, बल्कि समन तामीली की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावशाली और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि जिले में पुलिसिंग को बेहतर बनाने लगातार प्रशिक्षण, कार्यशाला और तकनीकी सक्षमता पर जोर दिया जा रहा है।

ये अधिकारी रहे उपस्थित

साइबर अपराध, ई-साक्ष्य, ई-चालान और अब ई-समन जैसे डिजिटल माध्यम पुलिस कार्यवाही में आवश्यक रूप से शामिल किए जा रहे हैं। इस दौरान एएसपी राजेन्द्र जायसवाल, अर्चना झा, यातायात एएसपी रामगोपाल करियारे, डीएसपी रश्मित कौर चावला, सीएसपी सरकंडा सिद्धार्थ बघेल, आरआइ भूपेंद्र गुप्ता सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी मौजूद रहे। न्यायालय से असिस्टेंट प्रोग्रामर बृजेंद्र सिंह और कंप्यूटर असिस्टेंट सूर्यकांत पांडेय ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

ये भी पढ़ें: Operation Muskan CG: पुलिस की बड़ी कामयाबी, 151 लापता बच्चों की तलाश कर पहुंचाया घर



Source link