आरोपी मामा ने सुनसान जगह पर भांजे का पीछे से मुंह दबाकर गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद मामा ने अपने ही भांजे की दोनों कलाईयों की नस काट दी। साथ ही उंगलियां भी काट दी। उसकी पीठ और कमर पर भी चाकू से हमला किया। हमले में गंभीर रूप से घायल मासूम को मरा हुआ समझकर आरोपित भाग निकला।
By Mohammad Safraj Memon
Publish Date: Tue, 19 Aug 2025 09:31:14 AM (IST)
Updated Date: Tue, 19 Aug 2025 10:29:16 AM (IST)

HighLights
- मामा ने भांजे पर किया जानलेवा हमला।
- मरने का नाटक कर बचाई जान।
- पुलिस ने शुरू की मामले की जांच।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के गतौरा में युवक ने अपने भांजे को चॉकलेट खिलाने के बाहने सुनसान जगह पर ले जाकर हमला किया। इसके बाद अपने भांजे को मरा हुआ समझकर भाग निकला। इधर होश में आने पर घायल मासूम ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। घायल को सिम्स में भर्ती कराया गया है। उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इधर मस्तूरी पुलिस की टीम हमलावर को गिरफ्तार करने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मस्तूरी थाना प्रभारी हरीशचंद्र तांडेकर ने बताया कि लिमतरा के घटहापारा निवासी महेश बरगाह किसान हैं। रविवार को उनका साला घर आया था। वह उनके 13 साल के बेटे सूर्यांस बरगाह को चाकलेट खिलाने की बात कहकर घर से ले गया था। इसके बाद उसे गतौरा के बटाही खार में सुनसान जगह पर चाकलेट खाने के लिए दिया।
मरा समझकर भाग आरोपी
आरोपी मामा ने भांजे का पीछे से मुंह दबाकर गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद मामा ने अपने ही भांजे की दोनों कलाईयों की नस काट दी। साथ ही उंगलियां भी काट दी। उसकी पीठ और कमर पर भी चाकू से हमला किया। हमले में गंभीर रूप से घायल मासूम को मरा हुआ समझकर आरोपित भाग निकला। इधर होश में आने पर मासूम ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। तब आसपास के लोगों ने घटना की सूचना स्वजन को देकर घायल मासूम को अस्पताल भेजा। घटना की सूचना पर पुलिस ने स्वजन से पूछताछ की है। इसके बाद पुलिस की टीम हमलावर मामा की तलाश में जुटी हैे।
मरने का नाटक कर बचाई जान
घायल मासूम ने हमले के दौरान तत्काल निर्णय लेते हुए मरने का नाटक किया। एक दो हमले के बाद ही उसने बेहोश होने का नाटक किया। इससे हमलावर उसके मामा ने समझा की भांजा मर गया है। इसके बाद उसने पीठ में भी वार किया। तब भी मासूम चुप रहा। जब हमलावर मामा को भांजे की मरने की तस्दीक हुई तो वह भाग निकला। मामा के जाते ही उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर कुछ लोग वहां आए। उन्होंने घायल की मदद की और अस्पताल पहुंचाया।