नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिले में चल रहा एसआईआर का कार्य सम्पन्न हो गया। अब जिले में कितने पात्र मतदाता हैं, इसका डेटा जिला प्रशासन व निर्वाचन अधिकारियों के पास पहुंच चुका है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चले चार महीने के लंबे अभियान के बाद बिलासपुर में अब 13,41,254 मतदाता हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल के निर्देश पर एडीएम शिव बनर्जी ने शनिवार को अंतिम मतदाता सूची पर मुहर लगा दी, जिसमें फर्जी और दोहरे नामों को हटा दिया गया है।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य पूर्ण
बिलासपुर जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में पिछले 120 दिनों से चल रहा मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए अभियान के तहत 2,028 बीएलओ ने घर-घर जाकर डेटा खंगाला। इस दौरान उन नामों को हटाया गया जो मृत थे या स्थायी रूप से पलायन कर चुके थे। अधिकारियों के अनुसार मतदाता सूची में अब पारदर्शिता दिखाई देगी।
23 दिसंबर 2025 को जब प्रारूप सूची आई थी, उस दौरान मतदाताओं की संख्या 13,12,223 थी। इसके बाद प्राप्त हुए 35,341 नए आवेदनों और 6,310 नामों की छंटनी के बाद अंतिम सूची में 29,031 मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है। नवीनतम मतदाता सूची को फोटोग्राफ्स के साथ हाई-टेक बनाया गया है। अब कोई भी मतदाता घर बैठे डिजिटल ऐप या वेबसाइट के जरिए अपना नाम जांच सकता है। शनिवार को मंथन सभागार में राजनीतिक दलों की सहमति और प्रशासन की मुस्तैदी के बाद सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। अब आगामी चुनाव इस मतदाता सूची के आधार पर होगा।
विधानसभावार मतदाता आंकड़े
बिल्हा में 2,71,754
मस्तूरी में 2,74,279
कोटा में 1,98,641
तखतपुर में 2,21,228
बिलासपुर शहर में 1,72,791
बेलतरा में 2,02,561
त्रुटि सुधार और नाम जुड़वाने का मौका अभी भी
अधिकारियों का कहना है कि सूची जारी होने का मतलब यह नहीं कि अब नए नाम नहीं जुड़ सकते। जिन्होंने एक जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूर्ण कर लिया है, वे अब भी फार्म-6 के जरिए अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा, अगर नाम या पते में कोई चूक रह गई है, तो फार्म-8 भरकर उसे ऑनलाइन या ऑफलाइन सुधारा जा सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।