बिलासपुर में रेलवे ठेकेदार की मौत के बाद विवाद, मां और बुआ चुपचाप ले उड़ीं पिता की अस्थियां, बच्चे पहुंचे थाने

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January 20, 2026


Bilaspur News: बिलासपुर सिविल लाइन क्षेत्र के भारतीय नगर में रहने वाले रेलवे ठेकेदार की पांच दिन पहले बीमारी के चलते मौत हो गई। उनके अंतिम संस्कार के …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 20 Jan 2026 09:33:09 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Jan 2026 09:33:09 PM (IST)

बिलासपुर में रेलवे ठेकेदार की मौत के बाद विवाद, मां और बुआ चुपचाप ले उड़ीं पिता की अस्थियां, बच्चे पहुंचे थाने
मां और बुआ चुपचाप ले उड़ीं पिता की अस्थियां। (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. रेलवे ठेकेदार आलोक ठाकरे मौत मामला
  2. अंतिम संस्कार के बाद गायब हुई अस्थियां
  3. अस्थियां दिलाने बच्चों ने लगाई गुहार

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सिविल लाइन क्षेत्र के भारतीय नगर में रहने वाले रेलवे ठेकेदार की पांच दिन पहले बीमारी के चलते मौत हो गई। उनके अंतिम संस्कार के दौरान पत्नी और बहन ने जमकर हंगामा किया। इसके दो दिन बाद ही पत्नी और बहन ठेकेदार की अस्थियां मुक्तिधाम से ले गईं। इधर तीसरे दिन ठेकेदार के नाबालिग बच्चे जब रिश्तेदारों के साथ अस्थियां लेने के लिए पहुंचे तो गायब थीं। सीसीटीवी फुटेज से मां और बुआ की करतूत का पता चलने पर बच्चों ने रिश्तेदारों के साथ सिविल लाइन थाने में इसकी शिकायत की। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मां और बुआ मुक्तिधाम से ले गईं पिता की अस्थियां

भारतीय नगर में रहने वाले मयंक वर्मा ने पूरे मामले की शिकायत की है। मयंक ने बताया कि भारतीय नगर में रहने वाले आलोक ठाकरे रेलवे ठेकेदार थे। उनकी पत्नी खुशबू उर्फ अन्नू ठाकुर करीब दो साल पहले पति और बच्चों को छोड़कर चली गई थी। इसके बाद आलोक ही अपने 12 साल के बेटे और पांच साल की बेटी का पालन-पोषण कर रहे थे। आलोक की बहन ज्योति पांडेय का विवाह हो चुका है। ज्योति मस्तूरी क्षेत्र के किरारी में शिक्षक है। मयंक ने बताया कि करीब दो महीने के भीतर ही आलोक की मां और पिता का निधन हो गया। इसके बाद 15 जनवरी को आलोक की भी मौत हो गई। उनके अंतिम संस्कार के समय ज्योति और खुशबू भारतीय नगर मुक्तिधाम पहुंची थीं। उन्होंने अंतिम संस्कार के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की।

तब मोहल्ले वालों के विरोध के चलते उनका मंसुबा सफल नहीं हो पाया। अंतिम संस्कार के बाद नाबालिग अपने घर आ गए थे। इसके तीसरे दिन जब नाबालिग अपने पिता की अस्थियां लेने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां कुछ नहीं था। तब मोहल्ले के लोगों ने मुक्तिधाम और आसपास लगे सीसीटीवी का फुटेज देखने लगे। इसमें महिलाएं अस्थियों को एक थैले में लेकर जाती हुईं दिखाई दे रही हैं। अब मोहल्ले के लोगों ने दोनों नाबालिग को थाने में ले जाकर घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस महिलाओं से इस संबंध में पूरी जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।

पति से विवाद, ननद भी दे रही साथ

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि खुशबू करीब दो साल पहले अपने नाबालिग बच्चों को छोड़कर अलग रह रही है। इस दौरान ज्योति उसका साथ देती रही। जब आलोक की मौत हो गई तो ज्योति अपने भाई के घर पहुंची। उसने मोबाइल पर काल कर खुशबू को भी बुला लिया। इसके बाद दोनों ने जमकर हंगामा किया। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि आलोक नाबालिग बच्चों के साथ ही अपनी मां और पिता का देखभाल कर रहा था। इस दौरान महिलाओं ने उनका किसी प्रकार सहयोग नहीं किया।



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