छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायपुर के फरार आरोपी तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले सत्र न्यायालय से भी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। आरोपी कई महीनों ने फरार चल रहे हैं। सेशन कोर्ट ने पहले ही दोनों भाइयों को सरेंडर करने का आदेश दिया था, लेकिन वे नहीं आए।
By Roman Tiwari
Publish Date: Wed, 20 Aug 2025 11:03:21 AM (IST)
Updated Date: Wed, 20 Aug 2025 11:11:04 AM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सूदखोरी और अन्य आपराधिक मामलों में आरोपी रायपुर के हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकलपीठ में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने रायपुर पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सेशन कोर्ट ने किया था उद्घोषणा आदेश
सेशन कोर्ट ने पहले ही दोनों भाइयों को 18 अगस्त तक सरेंडर करने का आदेश दिया था और उद्घोषणा जारी की थी। इसके पहले ही तोमर बंधुओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
निचली अदालत से याचिका खारिज
तोमर बंधुओं ने पूर्व में सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।
पुलिस को अब तक नहीं मिला सुराग
इस बीच पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम फरार तोमर भाइयों की तलाश में लगातार जुटी हुई है। स्वजन से लगातार पूछताछ के बावजूद पुलिस को अब तक उनकी लोकेशन का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों के सहयोगियों से भी पूछताछ जारी है।
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बता दें कि सेशन कोर्ट की ओर से फरार आरोपी तोमर बंधुओं को 18 अगस्त तक कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने की गई थी, जो तारिख बीत चुकी है। वहीं पुलिस की ओर से आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की याचिका भी कोर्ट में दायर की गई है। जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। आरोपियों की 4 संपत्तियों को कुर्क करने के लिए रायपुर कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा गया है। जिस पर जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है।