जर्जर आंगनबाड़ी भवन में पढ़ रहे बच्चे:बलरामपुर में असुरक्षित घोषित होने के बाद भी संचालन जारी, ग्रामीणों ने सुरक्षित भवन की मांग की

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January 17, 2026




बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बादा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। जिस भवन में नन्हे-मुन्ने बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, उसे पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद उसी भवन में आंगनबाड़ी का संचालन जारी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं और छत कमजोर हो गई है। कई स्थानों से प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है, जिससे भवन की स्थिति और भी खराब हो जाती है। छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे बच्चों के साथ किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलवती ने बताया कि जर्जर भवन की जानकारी पूर्व में कई बार विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कुछ समय के लिए आंगनबाड़ी का संचालन प्राथमिक शाला के भवन में किया गया था, लेकिन इससे स्कूल के बच्चों को परेशानी होने लगी। उन्होंने बताया कि गांव में किराए का कोई उपयुक्त मकान उपलब्ध न होने के कारण मजबूरीवश पुनः उसी जर्जर भवन में आंगनबाड़ी संचालित करनी पड़ रही है। वहीं, डीपाडीह कला क्षेत्र की आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मांगो बड़ा ने फोन पर बातचीत में स्वीकार किया कि उक्त भवन को विभाग द्वारा पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी इस भवन में आंगनबाड़ी संचालित हो रही है, तो शीघ्र ही वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाया जा सके। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से तत्काल सुरक्षित भवन की व्यवस्था करने की मांग की है।



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