बिलासपुर में इंड्रस्ट्रीयल एरिया में फैक्ट्री उगल रहा जहरीला धुआं:प्रदूषण से बच्चे-बुजुर्ग हो रहे बीमार, लोग बोले-तय मानक से कम ऊंचाई पर है चिमनियां

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January 31, 2026




बिलासपुर में इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थित फैक्ट्रियों से उठ रहे धुओं के गुबार से लोग परेशान हैं। आसपास के गांव के बुजुर्ग और बच्चे बीमार हो रहे हैं। वहीं, लोगों की फसलों पर भी प्रदूषण का असर दिख रहा है। लोगों का आरोप है कि तय मानक से कम ऊंचाई पर चिमनियां लगाने के कारण ऐसी समस्या हो रही है। उन्होंने मामले की जिला प्रशासन से शिकायत भी की है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दरअसल, शहर से लगे सिलपहरी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं अब आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं सीधे उनके घरों में प्रवेश कर रहा है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। पहले देखिए तस्वीरें सांस की बीमारी और आंखों में जलन की बढ़ी समस्या
क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में दमा, सांस फूलना, खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी श्वास संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। रात के समय धुएं की समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को खिड़की-दरवाजे बंद करके सोना पड़ता है। फसलें हो रही तबाह, परेशान हैं अन्नदाता
स्थानीय लोगों का कहना है कि चिमिनियों से निकल रहे धुओं के साथ राख और डस्ट भी हवा में उड़ रहे हैं, जो उनके घरों तक पहुंच रहा है। आसपास के खेतों और उसमें लगी फसलों में इसका असर दिख रहा है। राख और डस्ट से उनकी सब्जी सहित अन्य फसलें बर्बाद हो रही है, जिसके चलते पैदावार नहीं हो रहा है। शिकायत के बाद भी उदासीन है अफसर
ग्राम पंचायत ढेका के मनीष घोरे का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि फैक्ट्रियों में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं हो रहा और प्रशासन की ओर से भी उचित निगरानी नहीं की जा रही है।
प्रदूषण नहीं रुका तो आंदोलन की चेतावनी सरपंच प्रतिनिधि विवेक पटेल ने बताया कि प्लांट से निकलने से वाले धुएं से पूरा गांव प्रभावित है। इंडस्ट्रीयल एरिया के करीब 10 किमी दूर तक क्षेत्र में ध्वनि और वायु प्रदूषण फैल रहा है। सीधा-सीधा इंसान के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। आज जो उम्र 70 साल का माना जाता है। वो अब 50 साल हो गई है। इंसान की उम्र 20 साल घट गई। उन्होंने कहा, इस मामले में प्लांट प्रबंधन से शिकायत कर चुके हैं कि वो एक तय मानक तक प्लांट का संचालन करें। यदि इसके बाद ध्वनि और वायु प्रदूषण कम नहीं होता है तो गांव के लोग बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन करेंगे। प्रकाश ने बताया कि प्लांट से निकल रहे धुएं से गांव में इसका असर देखा जा सकता है। चारों तरफ काला-काला नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।



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