छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार को मुठभेड़ हुई। इसमें 10 नक्सली मारे गए।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। एनकाउंटर में 1 करोड़ के इनामी मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली मारे गए हैं। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है। मैनपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाके मटाल में ये मुठ
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रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगल में सुरक्षाकर्मी नक्सल विरोधी अभियान पर थे, तभी उनका सामना नक्सलियों से हो गया और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई।
उन्होंने बताया कि एसटीएफ, कोबरा (सीआरपीएफ की कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) और राज्य पुलिस के जवान इस अभियान में शामिल थे।
जंगल में नक्सलियों के शव पड़े हुए हैं। आईईडी लगे होने का भी खतरा है। रात में सर्च ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। फिलहाल, मुठभेड़ रुक गई है।


गरियाबंद के मैनपुर के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है।

गरियाबंद एनकाउंटर में CC मेंबर मोडेम बालकृष्ण भी मारा गया है।
ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था बालकृष्ण
गरियाबंद पुलिस ने गुरुवार को मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। सुबह से रुक-रुककर कई घंटे तक मुठभेड़ चली। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। बालकृष्ण के पास ओडिशा राज्य कमेटी के सचिव की भी जिम्मेदारी थी।
चलपती के मारे जाने के बाद बालकृष्ण को मिली थी जिम्मेदारी
14 जनवरी को चलपती समेत 16 नक्सलियों के ढेर होने के बाद धमतरी, गरियाबंद और नुआपड़ा डिवीजन कमेटी को विस्तार करने की जिम्मेदारी बालकृष्ण को दी गई थी। यह सूचना पुलिस तक आ चुकी थी। बालकृष्ण की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद एसपी निखिल राखेचा ने संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया था।

गुरुवार को हुए एनकाउंटर में बालकृष्ण ढेर, वह शुगर की बीमारी से जूझ रहा था।
सरेंडर नक्सली की मदद से बालकृष्ण तक पहुंची पुलिस
मोडेम 25 साल से सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच रहा था। एजेंसियों के पास बालकृष्ण के जवानी की तस्वीर भर थी। 15 दिन पहले ही मोडेम बालकृष्ण के गार्ड कैलाश नाम के नक्सली ने सरेंडर किया था। उसी से कुख्यात नक्सली मोडेम के बारे में एजेंसी को कई पुख्ता जानकारियां मिलीं।
पुलिस के मुताबिक मोडेम बालकृष्ण कई साल से शुगर की बीमारी से जूझ रहा था। उसके सिर के बाल झड़ गए हैं। उसे चलने के लिए 2 लाठियों का सहारा लेना पड़ता था।


गरियाबंद में जनवरी में 16 नक्सली मारे गए थे
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में इसी साल 14 जनवरी को करीब 80 घंटे तक चले ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए थे। इनमें से 12 नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
मारे गए नक्सलियों में नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का मेंबर चलपति भी था। चलपति पर 90 लाख का इनाम था। वहीं नुआपड़ा-गरियाबंद-धमतरी डिवीजन कमेटी का प्रमुख सत्यम गावड़े भी एनकाउंटर में मारा गया था।
यह पहला मौका था जब छत्तीसगढ़ में किसी मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी का सदस्य मारा गया। चलपति ऊर्फ अप्पा राव गरियाबंद के भालूडिग्गी इलाके से ही 3 राज्यों में नक्सल एक्टिविटी को कंट्रोल करता था।
जानिए कौन-कौन मारा गया, उन पर कितना था इनाम


नक्सल ऑपरेशन में मारा गया 90 लाख का इनामी नक्सली चलपति
शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।
वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं।
लगातार बड़े नक्सली लीडर मारे जा रहे
- इससे पहले 21 मई को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए। इसमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवा राजू भी था।
- 21 मई की मुठभेड़ से 7 दिन पहले पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की भी जानकारी दी थी। इसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया था।
- छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने 24 दिनों तक ऑपरेशन चलाया था।


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131 जवानों का हत्यारा देवजी बना नक्सल महासचिव।
आंध्रप्रदेश के खूंखार नक्सली बसवाराजू के मारे जाने के बाद नक्सल संगठन ने थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी को नया महासचिव नियुक्त किया है। देवजी बस्तर के 131 से ज्यादा जवानों का हत्यारा है। ताड़मेटला-रानीबोदली अटैक का मास्टरमाइंड है। नक्सल महासचिव देवजी पर 1 करोड़ से ज्यादा का इनाम है। पढ़ें पूरी खबर 02. गरियाबंद एनकाउंटर..मारे गए 3 करोड़ से ज्यादा के 16 नक्सली: यहीं से 3 राज्यों की नक्सल एक्टिविटी कंट्रोल करता था एक करोड़ का इनामी चलपति

इससे पहले गरियाबंद में 80 घंटे तक चले ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए थे।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मारे गए नक्सलियों की पहचान हो चुकी है। करीब 80 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए। इनमें से 12 नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मारे गए नक्सलियों में नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का मेंबर चलपति भी है। अकेले चलपति पर ही 90 लाख का इनाम था। पढ़ें पूरी खबर