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बेमेतरा जिले के धान उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक निरीक्षण किया। 6 जनवरी को जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं और धान में कचरा मिट्टी मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार धान की बोरी अस्थायी रूप से जब्त कर परिव
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राजस्व, मंडी व सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम ने उपार्जन केंद्र में रखे गए 5 स्टैक मोटे धान की जांच की, जिसमें पुराना धान और अमानक श्रेणी का नया धान मिश्रित रूप में पाया गया। गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर टीम ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।
जांच के बाद जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा, पारदर्शी उपार्जन प्रक्रिया सुनिश्चित करने व शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए की गई है।
जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि धान की गुणवत्ता मानक से कम है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। संयुक्त टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच पूरा होने के बाद संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। साथ ही अन्य उपार्जन केंद्रों में भी सतत निरीक्षण व निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
धान में टूटन, कचड़ा, मिट्टी मिला
जांच में यह भी सामने आया कि उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में बड़े पैमाने पर पुराना धान खपाने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही नए धान की गुणवत्ता भी बहुत खराब पाई गई।
जांच टीम द्वारा लिए गए नमूनों में अधिक नमी, टूटन, कचड़ा, मिट्टी एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ मिले हैं, जो शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रथम दृष्टया यह गंभीर अनियमितता जानबूझकर की गई प्रतीत हो रही है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के साथ-साथ किसानों की मेहनत और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अनैतिक गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।