391.52 crore compensation distributed for land of 104 villages | घोटाले में नया खुलासा: 104 गांवों की जमीन का बंटा 391.52 करोड़ मुआवजा – Bilaspur (Chhattisgarh) News

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July 16, 2025


अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रस्तावित नहर के लिए जमीन अधिग्रहण में राजस्व अधिकारियों ने बड़ी गड़बड़ी की है। दैनिक भास्कर के पास जो दस्तावेज हैं, उसके मुताबिक 2014-15 से पदस्थ आठ एसडीएम ने धारा-11, 19 का प्रकाशन किए बगैर मुआवजा बांट दिया। सिर्फ 1

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इस संबंध में जब संभाग कमिश्नर सुनील जैन से बात की गई तो उनका कहना था कि उनकी जानकारी में धारा-11, 19 के प्रकाशन के बिना मुआवजा बांटने की जानकारी नहीं है। जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

नहर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 2014-15 में शुरू हुई थी। इसके बाद से ही गड़बड़ियों की शुरुआत हो गई। तत्कालीन एसडीएम ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम का पालन करने के बजाय धारा-11 के तहत प्रारंभिक प्रकाशन कर दावा-आपत्ति मंगाने और 2019 के तहत प्रभावित जमीन का अंतिम प्रकाशन किए बगैर सीधे मुआवजा बांट दिया। इस मामले की जब शिकायत हुई तब तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार ने जांच कराई।

जमीन का रकबा बढ़ाकर भी बांट दिया मुआवजा जमीन अधिग्रहण में धारा-11, 19 के प्रकाशन की प्रक्रिया में ही गड़बड़ी नहीं की गई, बल्कि धारा-19 के प्रकाशन के बाद जमीन का रकबा भी बढ़ा दिया गया। यह सब खामोशी से चलता रहा, लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं की।

तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार से जब मामले की शिकायत हुई, तब पहली बार जांच की गई। हालांकि यह जांच चुनिंदा खसरों तक ही सीमित रही। इस दौरान जो भी अधिकारी-कर्मचारी थे, उन पर कार्रवाई की गई, लेकिन बाकी गांवों में हुई गड़बड़ी की ओर किसी का ध्यान नहीं गया, इसलिए जिन एसडीएम के कार्यकाल में गड़बड़ी हुई, उन्हें छोड़ दिया गया।

10 करोड़ रुपए की वसूली अब तक नहीं की गई इससे पहले जो जांच हुई थी, उसमें कमेटी ने 10 खसरों में गलत मुआवजा बांटने के बाद 10.68 करोड़ की वसूली के निर्देश दिए थे। यह राशि अब तक वसूल नहीं की गई है। मनोज अग्रवाल, नंद लाल, विजय, धीर सिंह, बंशीलाल, माया दुबे, रोहणी तिवारी आदि से ज्यादा भुगतान की गई राशि की वसूली होनी है।

अब जो नए प्रकरण सामने आए हैं, उसमें भी बड़ी संख्या में भू स्वामियों से वसूली की स्थिति बनेगी। बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा नए सिरे से नहर के लिए ली गई जमीन की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।



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