छत्तीसगढ़ को प्रेसिडेंट अवॉर्ड मिला है। यह अवार्ड स्वच्छता के मामले में दिया गया है। दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्राफी छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव को दी। विज्ञान भवन में गुरुवार को ये सम्मान समारोह
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नगर पंचायत बिल्हा 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर माना गया है। बिलासपुर तीन लाख से दस लाख जनसंख्या श्रेणी में देश का दूसरा सबसे साफ शहर बना है, कुम्हारी 20-50 हजार की आबादी वाले शहरों में देश का तीसरा सबसे स्वच्छ शहर बना है। इस मौके पर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू समारोह में शामिल हुए।

दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुआ सम्मान समारोह।
रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया गया है। स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस साल सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नाम की एक खास कैटेगरी की शुरुआत की गई है।
इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं और वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में टॉप 200 में बने हुए हैं। इसी कैटेगरी में प्रदेश के और तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत और बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है।

इस तरह से प्रदेश के कुल 7 नगरीय निकायों को अवॉर्ड मिले हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मौके पर कहा- “छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।