7 Naxalites carrying a reward of Rs 37 lakh surrender in Gariaband | कमांडर सुनील, सचिव एरिना समेत 7 नक्सलियों का सरेंडर: सभी 37 लाख के इनामी, SLR-इंसास साथ लाए, कहा- DRG में नहीं घर जाना चाहते हैं – Chhattisgarh News

Author name

November 8, 2025


गरियाबंद में 37 लाख के इनामी 7 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद-धमतरी-नुआपाड़ा डिवीजन में उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन पर कुल 37 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में उदंती एरिया कमांडर सुनील और सचिव एरिना शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था।

.

इनके साथ कमेटी सदस्य लुद्रो, विद्या, नंदिनी और मलेश ने भी सरेंडर किया है। इन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा 1 लाख रुपए की इनामी कांती ने भी आत्मसमर्पण किया है। नक्सली अपने साथ एक SLR, 3 इंसास और एक सिंगल शॉट बंदूक भी लेकर आए। सभी ने गरियाबंद पुलिस के सामने हथियार डाले हैं।

कमेटी सदस्य विद्या ने बताया कि रूपेश दादा की अपील के बाद हमने सरेंडर किया है। हम DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) में नहीं जाना चाहते। हथियार छोड़कर हम घर जाना चाहते हैं।

पहले देखिए ये तस्वीरें-

गरियाबंद जिले में शुक्रवार को 7 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।

गरियाबंद जिले में शुक्रवार को 7 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।

नक्सली अपने साथ हथियार लेकर भी आए। इनमें SLR, 3 इंसास राइफल शामिल है।

नक्सली अपने साथ हथियार लेकर भी आए। इनमें SLR, 3 इंसास राइफल शामिल है।

गरियाबंद पुलिस के सामने नक्सलियों के आत्मसमर्पण किया है।

गरियाबंद पुलिस के सामने नक्सलियों के आत्मसमर्पण किया है।

मीडिया के माध्यम से किया आत्मसमर्पण

जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के लिए मीडिया को माध्यम बनाया। मीडिया मौके पर पहुंची और उनसे लगभग आधा घंटा चर्चा की।

इस दौरान आत्मसमर्पण की इच्छा रखने वाले नक्सली लुद्रो की बात एसपी निखिल राखेचा से कराई गई। एसपी ने उन्हें सुरक्षित आत्मसमर्पण का भरोसा दिलाया, जिसके बाद उन्हें जंगल से मेन रोड तक लाया गया।

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के लिए मीडिया की मदद ली। पत्रकारों के माध्यम से वे पुलिस तक पहुंचे।

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के लिए मीडिया की मदद ली। पत्रकारों के माध्यम से वे पुलिस तक पहुंचे।

पुलिस तक पहले पहुंचे गए थे सुनील और एरिना

शुरुआत में सुनील और एरिना किसी तरह पुलिस तक पहुंच गए थे, लेकिन लुद्रो, विद्या सहित 5 अन्य नक्सली सीधे संपर्क में नहीं थे। पुलिस की अपील के बाद उन्होंने एसपी निखिल राखेचा की ओर से जारी नंबर पर भी संपर्क किया, लेकिन वे मीडिया की मध्यस्थता में ही आत्मसमर्पण करना चाहते थे।

नक्सली अपने साथ एक SLR, 3 इंसास और एक सिंगल शॉट बंदूक साथ लेकर आए।

नक्सली अपने साथ एक SLR, 3 इंसास और एक सिंगल शॉट बंदूक साथ लेकर आए।

नक्सली बोले- रूपेश दादा की अपील पर फैसला लिया

कमेटी सदस्य रुद्र ने बताया कि खंडसारा में मुठभेड़ होने के बाद टीम बंट गई। साथियों से मिलने में 3 महीने लग गए। इसके बाद कई बड़े मुठभेड़ हुए, जिसमें शीर्ष नेता मारे गए।

कमेटी सदस्य विद्या ने कहा कि बस्तर में सरेंडर किए सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश दादा के अपील के बाद नक्सल संगठन छोड़ने का फैसला किया।

गरियाबंद पुलिस ने सरेंडर नक्सलियों को गिफ्ट देकर मुख्यधारा में लौटने पर स्वागत किया।

गरियाबंद पुलिस ने सरेंडर नक्सलियों को गिफ्ट देकर मुख्यधारा में लौटने पर स्वागत किया।

17 अक्टूबर को रूपेश ने किया था सरेंडर

17 अक्टूबर को जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। 153 हथियार भी सौंपे गए थे। इन्हें 3 बसों के जरिए के जगदलपुर मुख्यालय लाया गया था।

इनमें 1 करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव उर्फ रूपेश भी शामिल था।

जगदलपुर में 17 अक्टूबर को रूपेश समेत 210 नक्सलियों ने सरेंडर किया था।

जगदलपुर में 17 अक्टूबर को रूपेश समेत 210 नक्सलियों ने सरेंडर किया था।

रूपेश समेत 210 नक्सलियों को गद्दा बताया

इसके बाद नक्सल संगठन की ओर से नक्सली अभय के नाम से पर्चा जारी हुआ, जिसमें रूपेश समेत 210 सरेंडर नक्सलियों को गद्दार बताया गया। रूपेश ने भी वीडियो जारी कर नक्सल संगठन को जवाब दिया।

रूपेश ने कहा कि महासचिव बसवा राजू भी चाहते थे कि संघर्ष विराम हो। इसी बीच बसवा राजू का एनकाउंटर हो गया। हमे अपने साथियों की चिंता है। हमें भविष्य के बारे में सोचना था। इसके साथ ही उन्होंने साथियों से सरेंडर करने की अपील की।

रूपेश ने वीडियो जारी कर साथियों से सरेंडर करने की अपील की थी।

रूपेश ने वीडियो जारी कर साथियों से सरेंडर करने की अपील की थी।

भूपति ने कहा था- हिंसा के कारण जनता से दूर हुए

वहीं महाराष्ट्र सरकार के सामने हथियार डालने के बाद डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने भी एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि संगठन के लोग मुझे गद्दार कह रहे हैं, लेकिन मैं गद्दार नहीं हूं। वर्तमान की परिस्थितियां बदल गई हैं। इसलिए अपने अन्य 60 साथियों के साथ हथियार डाला हूं।

भूपति का कहना है कि, आज भी देश में संगठन में मौजूद कई साथी इलाका और सत्ता अपनाने के लिए हथियारबंद संघर्ष में डटे हुए हैं। इस रास्ते पर चलकर ही हम जनता से दूर हुए हैं।

ये इस रास्ते की विफलता को दर्शाता है। हमने अपने साथियों को खोने के बाद सरेंडर का फैसला लिया। अब हम हथियार छोड़कर, जनता के बीच रहकर उनके लिए काम करना चाहते हैं।

सरेंडर करने के बाद भूपति ने भी एक वीडियो जारी किया है।

सरेंडर करने के बाद भूपति ने भी एक वीडियो जारी किया है।

शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।

वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए। कई बड़े नक्सली लीडर्स मारे जा चुके हैं।

…………………………………

इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

सरेंडर्ड नक्सलियों को मकान-जमीन…3 साल तक आर्थिक मदद: 210 माओवादियों ने डाले हथियार, संविधान की किताब-गुलाब से स्वागत, कार से आया सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश

जगदलपुर में सीसी मेंबर रूपेश समेत 210 नक्सलियों ने किया सरेंडर।

जगदलपुर में सीसी मेंबर रूपेश समेत 210 नक्सलियों ने किया सरेंडर।

जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है। 153 हथियार भी सौंपे गए हैं। इनमें गुरुवार को बस्तर में सरेंडर करने वाले 140 और कांकेर में पहले आत्मसमर्पण कर चुके 60 से ज्यादा नक्सली शामिल हैं। इनमें महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। पढ़ें पूरी खबर



Source link