900+ Chaupals were set up, then a development plan worth Rs 332 crore was made. | नक्सलमुक्त मप्र से आगे…: 900+ चौपालें लगाई, तब बनी 332 करोड़ की विकास योजना – Raipur News

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January 11, 2026



मध्यप्रदेश के नक्सल-मुक्त होने के बाद अब सरकार और प्रशासन का पूरा फोकस नक्सल प्रभावित इलाकों के तेज और समग्र विकास पर है। इसी कड़ी में बालाघाट जिले में पहली बार नक्सल प्रभावित गांवों के लिए माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है।

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100 नक्सल प्रभावित गांवों के समग्र विकास का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है। करीब 332 करोड़ रुपए की इस योजना का सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर है। इसके तहत इन इलाकों में करीब 150 किमी नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य नक्सल प्रभाव वाले दूरदराज गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना, स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। यह प्लान पुलिस, राजस्व समेत 22 विभागों के सहयोग से तैयार किया गया है। लांजी और बैहर सब-डिवीजन के 100 गांव इसमें शामिल किए गए हैं।

इस योजना की खास बात यह है कि इसे ग्राउंड-लेवल फीडबैक के आधार पर बनाया गया है। सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच पुलिस और प्रशासन ने इन इलाकों में 900 से ज्यादा छोटे-बड़े कैंप लगाए। गांव-गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं, जरूरतें और अपेक्षाएं जानी गईं।

करीब 40 कैंप ऐसे रहे, जिनमें कलेक्टर और आईजी संजय कुमार स्वयं मौजूद रहे। ग्रामीणों से सीधे मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं तय की गईं। उसी के अनुरूप प्लान तैयार किया गया।

प्लान– पुलिस, राजस्व समेत 22 विभागों की मदद से तैयार; सबसे ज्यादा फोकस- बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य व रोजगार पर

1. कनेक्टिविटी…प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल न हो पाने वाली करीब 150 किमी लंबी सड़कों को चिह्नित किया है। हर सड़क दो या ज्यादा गांवों को जोड़ती है। इस मद में सबसे ज्यादा 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 2. ट्रेनिंग सेंटर… स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे। उद्योग विभाग की मदद से 2 आईटीआई की योजना है। इन पर 8 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 3. कृषि… मछलीपालन, हार्टीकल्चर और कृषि के विस्तार पर करीब 2 करोड़ रु. खर्च होंगे। यहां रबी की फसल नहीं हो पाती, इसलिए क्षेत्र विस्तार बीज ग्राम, नलकूप खनन, बलराम तालाब, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने की योजना है। 4. आंगनबाड़ी और स्कूल… 70-70 आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों में रंगाई-पुताई और मरम्मत के काम होंगे। इन कार्यों पर करीब 14 करोड़ खर्च करेंगे। 5. बिजली व्यवस्था… 70 से ज्यादा गांवों में बिजली व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इन पर 14 करोड़ खर्च होंगे। 6. पेयजल… जो गांव जल जीवन मिशन में शामिल नहीं हो पाए, वहां पानी पहुंचाने की योजना है। पीएचई विभाग अलग से 2 करोड़ रुपए खर्च करेगा। 7. स्वास्थ्य… 2 करोड़ रुपए से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नए उपकरण और मरम्मत कार्य किए जाएंगे।

सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार एक साथ पहुंचने से नक्सल प्रभावित इलाकों में भरोसा बढ़ेगा। युवा मुख्यधारा से जुड़ेंगे। सीएम के निर्देश के बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर राज्य शासन को भेजा गया है।’ -मृणाल मीणा, कलेक्टर बालाघाट



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