नीले टी-शर्ट में एंबुलेंस ड्राइवर मनोज यादव ने मरीज के सिर पर टांके लगा दिए।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एम्बुलेंस ड्राइवर ने सड़क हादसे में घायल मरीज के सिर पर टांके लगा दिए। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ही ड्राइवर को बताता रहा कि कैसे टांके लगाना है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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वीडियो सामने आते ही CMHO ने डॉक्टर, ड्रेसर स्टाफ और ड्राइवर के खिलाफ FIR के निर्देश दिए हैं। मामला बागबाहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।
इससे पहले गरियाबंद जिला अस्पताल में नर्स की जगह महिला गार्ड के मरीज को इंजेक्शन लगाया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए शासन को जमकर फटकार लगाई थी।
पहले देखिए ये तस्वीरें-

महासमुंद जिले में एम्बुलेंस ड्राइवर ने सड़क हादसे में घायल मरीज के सिर पर टांके लगाए।

निजी एम्बुलेंस ड्राइवर मनोज यादव डॉक्टर (मास्क लगाए हुए) की मौजूदगी में टांके लगाते नजर आया।

मामला महासमुंद जिले के बागबाहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।
जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त की रात डोंगा खम्हरिया के रहने वाले नोमेश ध्रुव को सड़क हादसे में चोटें आई थी। रात 10:15 बजे 112 एम्बुलेंस से उसे बागबाहरा सीएचसी लाया गया। यहां डॉ. सौम्य रंजन पटेल की ड्यूटी थी।
इलाज के दौरान जब मरीज को टांके लगाने की जरूरत पड़ी, तो डॉक्टर की मौजूदगी में एम्बुलेंस ड्राइवर मनोज यादव ने घायल को टांके लगा दिए।
डॉक्टर-ड्राइवर के खिलाफ FIR के निर्देश
जिसका किसी ने फोटो-वीडियो बना लिया। इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अब CMHO डॉ. नागेश्वर राव ने डॉक्टर, ड्रेसर स्टाफ और एम्बुलेंस ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जांच टीम का गठन किया गया है।
CMHO डॉ. नागेश्वर राव ने कहा कि एम्बुलेंस ड्राइवर के टांके लगाने की घटना पर संज्ञान लिया है। बीएमओ को भी नोटिस जारी किया है। साथ ही उस समय जो भी वहां मौजूद था, सभी के खिलाफ FIR के लिए थाने में आवेदन दिया है।

दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
इस मामले में बीएमओ डॉ. बुधियार सिंह बढ़ई ने बताया कि, घटना के दिन वे ड्यूटी पर नहीं थे। CMHO ने सभी BMO को सख्त निर्देश दिए हैं कि, भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गरियाबंद में महिला गार्ड ने लगाया था इंजेक्शन
इससे पहले, गरियाबंद जिला अस्पताल की एक तस्वीर वायरल हुई थी। जिसमें अस्पताल की महिला गार्ड एक महिला मरीज को इंजेक्शन लगाती दिख रही थी। घटना पिछले 19 अगस्त की है, जब पूर्व पार्षद योगेश बघेल अपने भतीजे के इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।

गरियाबंद जिला अस्पताल की वायरल एक तस्वीर वायरल हुई। जिसमें अस्पताल की महिला गार्ड एक महिला मरीज को इंजेक्शन लगाती दिख रही है।
इस दौरान उन्होंने देखा कि वार्ड में स्टाफ नर्स की जगह महिला गार्ड मरीज को इंजेक्शन लगा रही है। उन्होंने अपने मोबाइल पर इसकी तस्वीर खींच ली और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। तस्वीर वायरल होने के बाद हरकत में आए कलेक्टर ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर सुनवाई की थी। पढ़ें पूरी खबर…
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जिला अस्पताल में नर्स की जगह महिला गार्ड के मरीज को इंजेक्शन लगाने पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला अस्पताल में नर्स की जगह महिला गार्ड के मरीज को इंजेक्शन लगाने पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सुनवाई के दौरान शासन ने कहा कि, कलेक्टर ने अस्पताल में सिक्यूरिटी एजेंसी का काम बंद कर नगर सेना के जवान तैनात किए गए हैं। डॉक्टरों की अनुमति के बिना इंजेक्शन लगाने वाली गार्ड को सेवा से हटा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर