राजनांदगांव में छठ महापर्व सोमवार शाम को आस्था और धूमधाम के साथ मनाया गया। व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान शहर के घाट आकर्षक लाइटों से जगमगा उठे। महापर्व का समापन मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा।
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जिले के शंकरपुर चिखली तालाब, मोहरा नदी के तट और बलदेव बाग के मोती तालाब पर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शहर के अलग-अलग छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 36 घंटे का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने डूबते सूर्य की आराधना कर पूजा-अर्चना की।

घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था
मोती तालाब स्थित छठ घाट पर सूर्य भगवान की शक्ति और वरदान प्राप्त करने के लिए छठ पूजा अत्यंत उत्साह और आस्था के साथ संपन्न हुई। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई थी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में पटाखे फोड़ने का उत्साह देखा गया।
दूर-दराज से महिलाएं छठ घाट पर छठी मैया के गीत गाते हुए पहुंचीं। आतिशबाजी के बीच शाम को अस्त होते सूर्य देवता की आराधना की गई। घाट पर मौजूद भीड़ के साथ-साथ तालाब घाट के ऊपर भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

इस दौरान पूर्व महापौर अजीत जैन, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, छत्तीसगढ़ राजपूत महासभा के सचिव जय नारायण सिंह, छत्तीसगढ़ राजपूत महिला उपाध्यक्ष सुषमा सिंह, अशोक चौधरी सहित कांग्रेस और भाजपा से जुड़े नेता एवं पार्षद भी छठ मैया का आशीर्वाद लेने पहुंचे।
