![]()
रामानुजगंज। शिक्षा विभाग के कर्मचारी सूर्य प्रताप कुशवाहा ने 57 वर्ष की आयु में 26वीं बार रक्तदान कर समाज में प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बलरामपुर जिला अस्पताल में अपनी पत्नी के साथ पहुंचकर यह रक्तदान किया।
.
कुशवाहा ने बताया कि रक्तदान उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उनके अनुसार, रक्तदान न केवल किसी की जान बचाता है, बल्कि यह आत्मिक संतुष्टि भी प्रदान करता है। किसी ज़रूरतमंद की जिंदगी बचाने का एहसास शब्दों से परे होता है।
57 की उम्र में भी कर रहे रक्तदान
57 वर्ष की उम्र में भी सक्रिय रूप से रक्तदान करने वाले कुशवाहा ने युवाओं को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि वह इस उम्र में बिना किसी परेशानी के रक्तदान कर सकते हैं, तो 20 से 50 वर्ष के स्वस्थ व्यक्ति इसे आसानी से कर सकते हैं। यह शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है।
रक्तदान को लेकर डर नहीं जागरूकता फैलाएं
उन्होंने समाज से अपील की कि रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया जाना चाहिए। यह एक सुरक्षित प्रक्रिया है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।
कुशवाहा का यह समर्पण प्रेरणास्पद है और यह भी दर्शाता है कि सरकारी कर्मचारी सामाजिक सरोकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके इस कार्य की स्थानीय लोगों और सहकर्मियों द्वारा सराहना की जा रही है। उनके बेटे ने 2017 में छत्तीसगढ़ पीएससी में टॉप कर डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया था और वर्तमान में जशपुर जिले में पदस्थ हैं, जबकि उनकी बेटी तहसीलदार हैं।