बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई। कोंडागांव जिले के 12 परगनों से आए ग्राम देवी-देवताओं को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक तरीके से जगदलपुर के लिए रवाना किया गया।
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कोंडागांव चौपाटी से हुए इस प्रस्थान समारोह में विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना ने देवी-देवताओं को पारंपरिक रीति-रिवाजों से विदाई दी। इस अवसर पर मांझी-मुखिया, चालकी, गायता, पटेल-पुजारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और परंपराओं की अनूठी मिसाल है। सदियों से देवी-देवताओं की सामूहिक उपस्थिति और विशेष अनुष्ठान इस पर्व की गरिमा को बढ़ाते हैं।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, मनोज जैन, पार्षद संतोष पात्रे, अपर कलेक्टर चित्रकांत चार्ली ठाकुर, एसडीएम अजय उरांव, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त कृपेन्द्र तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
जिले के लोगों में बस्तर दशहरे को लेकर खासा उत्साह देखा गया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप और जयघोष के बीच देवी-देवताओं की यात्रा रवाना हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।