बस्तर में हाल की तबाही को लेकर राजनीति तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार और मंत्रियों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बस्तर में हालात बेहद गंभीर हैं, लोग मुश्किलों से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रदेश की बीजेपी सरकार पूरी तरह से नदारद
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पूर्व सीएम भूपेश बघेल मीडिया से चर्चा करते हुए।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि बस्तर की अनदेखी करके सरकार ने अपनी संवेदनहीनता साबित कर दी है। उन्होंने कहा— “बस्तर बर्बाद हो गया, यहां की अर्थव्यवस्था को बहुत भारी नुकसान हुआ है। 8 लोगों की मौत हो चुकी है, सैकड़ों मकान ढह गए हैं और पुल-पुलिया टूट चुकी हैं। लेकिन मुख्यमंत्री का विदेश दौरा जारी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई मंत्री बस्तर नहीं आया। सरकार और मंत्रियों का बस्तरवासियों के सुख-दुख में शामिल न होना उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।”

बस्तर में बाढ़ के बाद स्थिति।
बस्तर की स्थिति चिंताजनक
बस्तर संभाग के कई इलाकों में लगातार बारिश और आपदाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों में कच्चे घर ढह गए हैं और पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य भी बेहद धीमी रफ्तार से हो रहा है। ऐसे में लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं
बघेल ने कहा कि बस्तर राज्य का बड़ा भूभाग है और यहां की उपेक्षा करना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए विदेश दौरे और राजनीतिक कार्यक्रम ज्यादा अहम हैं, जबकि यहां की जनता आपदा में फंसी हुई है। “अगर इसी तरह सरकार दूर खड़ी रही तो बस्तर की समस्याएं और विकराल होंगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज बस्तर दौरे में स्थानीय रहवासियों से मुलाकात करते हुए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
पूर्व सीएम के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि जब प्रदेश के एक बड़े हिस्से में त्रासदी हो रही है, तब मुख्यमंत्री और मंत्री जनता के बीच क्यों नहीं हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि तुरंत विशेष राहत पैकेज दिया जाए और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाई जाए।