Bilaspur is being illuminated by solar panels | सोलर पैनल से रौशन हो रहा बिलासपुर: हर महीने 10 लाख की बिजली बचत; कुछ भवनों में CSEB की लेटलतीफी से अटका सिक्रोनाइजेशन – Bilaspur (Chhattisgarh) News

Author name

August 8, 2025


बिलासपुर में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है।

बिलासपुर में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इससे नगर निगम मुख्यालय विकास भवन, पिंगले भवन, उद्यान, सिटी बस डिपो और स्ट्रीट लाइटें रौशन हो रही हैं।

.

नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के मुताबिक, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत से बिजली उत्पादन से निगम को हर महीने लगभग 10 लाख रुपए की बचत हो रही है।

दैनिक भास्कर ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी के सोलर प्रोजेक्ट के सिक्रोनाइजेशन में हो रही देरी से होने वाले आर्थिक नुकसान का समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद निगम प्रशासन ने संज्ञान लेकर प्रोजेक्ट को पूरा किया।

सोलर पैनल से नगर निगम मुख्यालय विकास भवन रौशन हो रही हैं।

सोलर पैनल से नगर निगम मुख्यालय विकास भवन रौशन हो रही हैं।

200 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी

नगर निगम के कार्यपालन अभियंता नीलेश पटेल ने बताया कि सोलर प्रोजेक्ट से पद्मश्री पं श्यामलाल चतुर्वेदी स्मार्ट रोड की 200 से अधिक स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं। इस रोड पर 40 किलोवॉट का सोलर पैनल लगा है।

उन्होंने बताया कि सिटी बस डिपो कोनी, नगर निगम के विकास भवन और पिंगले भवन में क्रमशः 25, 9 और 38 किलोवॉट के सोलर पैनल लगाए गए हैं। इनसे पूरी इमारतें रोशन हो रही हैं।

जतिया तालाब के सौंदर्यीकरण के बाद उद्यान में लगाई गई लाइट और अन्य कार्यों के लिए 75 किलोवॉट के सोलर पैनल से बिजली आपूर्ति हो रही है।

पटेल ने बताया कि प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुछ अन्य स्थानों पर सोलर लाइट का सिक्रोनाइजेशन अभी बाकी है। छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीएसईबी) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद और अधिक मात्रा में बिजली की बचत होगी।

इन स्थानों पर लगाए गए सोलर पैनल

  • स्वर्गीय अशोक पिंगले भवन- 38 (किलोवॉट)
  • सिटी बस डिपो कोनी- 25 किलोवॉट
  • पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी स्मार्ट रोड- 40 किलोवॉट
  • जतिया तालाब- 75 किलोवॉट



Source link