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बिलासपुर रेल हादसे को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार से मुआवजे और जांच की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि मृतक परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को 10 लाख रुपए के साथ मुफ्त इलाज दिया जाए।
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कांग्रेस ने इस हादसे को रेलवे की गंभीर लापरवाही बताया है। पार्टी का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला रेलवे कर्मचारियों के बीच समन्वय की कमी का परिणाम दिखता है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि कोयले से लदी मालगाड़ी उस ट्रैक पर कैसे पहुंची और पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर को इसका संकेत क्यों नहीं मिला।
कांग्रेस ने मांग की है कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
विकास उपाध्याय ने कही ये बातें
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने दैनिक भास्कर से कहा कि, केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और सरकार से अपील है कि मृत परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले, जो लोग घायल हैं,जो उपचार करवा रहे हैं, उनको भी मुआवजा दिया जाए और अच्छे अस्पताल में उनका इलाज किया जाए
रेल हादसे ने बदला ट्रेनों का रूट
बता दें कि बिलासपुर जिले में मंगलवार को कोरबा पैसेंजर ट्रेन और एक मालगाड़ी के बीच जोरदार टक्कर हुई। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 8 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं 16-17 लोग घायल हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। हादसा गटौरा स्टेशन के लाल खदान के पास हुआ है।
इस हादसे के कारण बिलासपुर–कटनी मार्ग और हावड़ा रूट की कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या उन्हें डायवर्ट किया गया है।