Chhattisgarh- accused of mule account gang in Raigarh were arrested from Sakti | रायगढ़ में म्यूल अकाउंट गिरोह के आरोपी सक्ती से पकड़ाए: लोन दिलाने का झांसा देकर खुलवाते थे खाता;69 लाख को अलग-अलग अकाउंट में किया जमा – Raigarh News

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September 3, 2025


साइबर ठगबाजों को बैंक खाता दिलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लोन दिलाने के नाम पर आरोपी जरूरतमंद लोगों का बैंक खाता खुलवाते थे और फिर उन खातों को साइबर अपराधियों को देते थे। आरोपियों को सक्ती से पकड़ा गया है। साथ ही ग

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जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय की ओर से संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय पोर्टल के माध्यम से म्यूल खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल को पत्र प्राप्त हुआ था। जिसके बाद डीएसपी साइबर सेल और कोतवाली थाना ने मामले की जांच की।

ऐसे में जानकारी मिली कि रायगढ़ के अलग-अलग बैंक खातों में साइबर धोखाधड़ी के 69 लाख 18 हजार 979 रुपए जमा होना पाया गया। धोखाधड़ी के पैसों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भेजे गए थे। जिसके बाद पुलिस ने मामले में जांच करते हुए इन खातों में गए 5 लाख 22 हजार 798 रुपए को होल्ड कराया गया।

लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी

जांच में सामने आया कि साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य पैसों की जरूरतमंद लोगों को माइक्रो फाइनेंस कंपनी के जरिए से लोन दिलाने के नाम पर टारगेट करते थे। इसके बाद उन्हें 5 हजार रुपए देकर बैंक खाते खुलवाकर खाता किट और सिम कार्ड अपने पास रखने के लिए राजी कर लेते थे।

सक्ती जिले से 2 आरोपी पकड़ाए

मामले में जांच करते हुए पुलिस सक्ती जिला के ग्राम डभरा निवासी आरोपी शिवाजी चन्द्रा और ग्राम चन्देलाडीह निवासी जितेश कुमार चन्द्रा (28) तक पहुंची। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने गिरोह का खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि वे हर खाते के बदले में करीब 10 हजार मिलते थे, जो उन्हें फोन-पे या कैश दिए जाते थे।

गिरोह के 5 सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस

आरोपी शिवा चन्द्रा ने अब तक करीब डेढ़ लाख रुपए कमाने की बात स्वीकार की है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और सिम कार्ड जब्त लिए हैं और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

वहीं गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपने गिरोह के अन्य पांच सदस्यों के नाम उजागर किए हैं, जो फर्जी सिम उपलब्ध कराने और बैंक खाते खुलवाने का काम करते थे। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी हुई है।



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