छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अब बाइक सवारों को बिना हेलमेट शराब नहीं मिलेगी। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बैठक में आबकारी विभाग को निर्देश दिए हैं। इसके बाद शराब दुकानों में हेलमेट अनिवार्य होने की सूचना चस्पा कर दी गई है।
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दरअसल, जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गुरुवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
जिसमें जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों ने सुझाव दिया कि शराब दुकानों में बिना हेलमेट पहुंचे बाइक सवारों की संख्या ज्यादा होती है और अक्सर यहीं से नशे की हालत में निकलने के बाद हादसे होते हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों की इस मांग के बाद बैठक में ही कलेक्टर ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शराब दुकानों में बिना हेलमेट पहुंचने वाले दोपहिया चालकों को शराब न दी जाए। आदेश के पालन में जिले की सभी शराब दुकानों में हेलमेट पहनकर आने की सूचना चस्पा कर दी गई है।

ये तस्वीर कलेक्टर के निर्देश के पहले की है, जिसमें लोग बिना हेलमेट के शराब दुकान पहुंचे हैं। (फाइल फोटो)
शराब दुकानों के पास बिकेंगे हेलमेट
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं है, उन्हें शराब दुकानों के पास ही हेलमेट उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए वहां हेलमेट बिक्री की व्यवस्था की जाएगी ताकि नियम का पालन हो सके।
इसके साथ ही दोपहिया वाहन डीलरों को निर्देश दिए गए हैं कि हर बाइक के साथ ग्राहक को हेलमेट देना अनिवार्य करें। वहीं पेट्रोल पंपों के पास आईएसआई मार्क वाले हेलमेट की दुकानें खोलने की भी बात कही गई है।

हेलमेट लगाने पर अब शराब दी जाएगी।
एक माह से बिना हेलमेट नहीं मिल रहा पेट्रोल
जिले में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पिछले एक माह से बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर रोक लगी हुई है। अब इसी मुहिम को और आगे बढ़ाते हुए शराब दुकानों में भी यह नियम लागू किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट परिसर में आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना हेलमेट आने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
हादसों को रोकने जिले में पहल की जा रही है- कलेक्टर
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि पिछले साल की तुलना में सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है। जिसे रोकने के लिए नियमों में सख्ती जरूरी हो गई है। हर नागरिक की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभाग और आम जनता से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।