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बालोद जिले के दिव्यांग क्रिकेटर राजेन्द्र देशमुख अब एक हाथ से श्रीलंका के मैदान में चौके छक्के लगाते नजर आएंगे। 13 नवंबर से श्रीलंका में होने वाले दिव्यांग क्रिकेट टी-20 में 5 मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय दिव्यांग टीम में बतौर ऑलराउंडर के रूप में
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राजेंद्र देशमुख के चयन से उनके माता पिता और गांव के ग्रामीण बेहद खुश हैं। सभी लोग राजेन्द्र के चयन होने पर जश्न मनाने के साथ उनकी कामयाबी के लिए दुआएं कर रहे हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने भी उन्हें बधाई दी है। शुक्रवार को कलेक्टर के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम ने उन्हें क्रिकेट कीट दिया।
अजय गेडाम का कहना है कि राजेन्द्र को देखते हुए जिले के बाकी दिव्यांग खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। श्रीलंका में होने वाले दिव्यांग टी 20 मैच में भारतीय दिव्यांग क्रिकेट में राजेन्द्र का चयन होना गौरव की बात हैं। वही राजेन्द्र अब अन्य लोगों के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।
13 को चेन्नई से श्रीलंका के लिए टीम होगी रवाना
राजेंद्र देशमुख बचपन से ही एक हाथ से दिव्यांग हैं। बावजूद उनका चयन भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में बतौर ऑलराउंडर हुआ है, जहां भारतीय टीम अब श्रीलंका में होने वाले 5 दिवसीय टी-20 मैच में श्रीलंका के साथ भिड़ेगी।
राजेन्द्र बताते है कि, 11 नवंबर को वे दुर्ग से चेन्नई जाने के लिए निकलेंगे। 12 को चेन्नई के कैंप पहुचेंगे, फिर 13 नवंबर को चेन्नई से पूरी टीम के साथ श्रीलंका के लिए रवाना होंगे, जहां 13 को ही दोपहर 3 बजे टी-20 की पांच मैचों की श्रृंखला का पहला मैच खेला जाएगा। 17 नवंबर तक कुल 5 मैच खेला जाएगा। फिर 18 नवंबर को टीम भारत वापसी करेगी।
आगरा में पहला मैच नेपाल से खेले थे
बता दें कि, राजेन्द्र देशमुख का सिलेक्शन दिव्यांग क्रिकेट बोर्ड ऑफ इंडिया में 11 दिसंबर 2023 में हुआ था और वे 25 दिसंबर 2023 में आगरा में हुए टी-20 मैच में नेपाल के साथ भिड़े थे। दिव्यांग राजेंद्र देशमुख स्कूल, कॉलेज में अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलते थे। तब किसी ने भी यह नहीं सोचा था की राजेंद्र दिव्यांग क्रिकेट टीम में भारत की तरफ से खेलेंगे।
दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया ने विभिन्न मैचों में राजेंद्र के ऑलराउंड परफॉर्मेंस को देखकर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में उनका चयन किया था। भारतीय दिव्यांग क्रिकेट का पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भारत व नेपाल के बीच खेला गया था। जिसमें भाग लेने राजेंद्र आगरा गए थे।
इसके अलावा बनारस, जयपुर, पुणे में भी मैच खेला हैं। सभी परफार्मेंस को देखते हुए राजेन्द्र का चयन ऑलराउंडर के रूप में हुआ हैं। वर्तमान में राजेंद्र छत्तीसगढ़ दिव्यांग क्रिकेट टीम का नेतृत्व कर रहे है और दुर्ग जिले के कोलिहापूरी गांव में अपने चाचा के साथ रहते हैं।
बचपन से था क्रिकेट का शौक- पिता
राजेंद्र के पिता पंकज ध्वज देशमुख की मोटर बाइंडिंग की दुकान है। उनके पिता पंकज बताते हैं कि राजेंद्र बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौकीन था। वह स्कूल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान सामान्य बच्चों के साथ क्रिकेट खेला करता था। उसने क्रिकेट के लिए किसी से विशेष प्रशिक्षण नहीं लिया।
उनके चाचा मोरध्वज देशमुख जो की खैरागढ़ के छुईखदान में सब इंस्पेक्टर हैं। वही उसकी मदद किया करते थे। हरियाणा, दिल्ली सहित अलग-अलग स्थान पर राष्ट्रीय स्तर का मैच खेलने जाते थे। राजेन्द्र की मां हेम पुष्पा देशमुख बताती हैं कि उनका परिवार मजदूरी करता है. उनके 2 बेटे हैं, राजेन्द्र छोटा है। राजेन्द्र को यहां तक पहुंचाने में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है।
कलेक्टर बोले- होनहार खिलाड़ियों की करेंगे मदद
बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का कहना है कि, राजेन्द्र देशमुख का चयन श्रीलंका में होने वाले टी-20 मैचों के लिए भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में हुआ है, उन्हें बहुत बधाई। यह बड़े गर्व की बात है। बाकी दिव्यांग लोगों के लिए प्रेरणा है। ऐसे होनहार खिलाड़ियों के लिए जिला प्रशासन हर संभव मदद करने के लिए तत्पर हैं। , ,