छत्तीसगढ़ में हुए 3 विधायको नें मंत्री की शपथ ली। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कहा कि मुख्यमंत्री की पसंद को दरकिनार कर किया गया है और तीन मंत्रियों की नियुक्ति बाहरी दबाव और सौदेबाजी से हुई है।
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दीपक बैज ने कहा कि तीन मंत्रियों में से एक अडानी की पसंद से, दूसरा संघ के दबाव में, और तीसरा विधानसभा चुनाव के वक्त हुई सौदेबाजी के कारण मंत्री बने है। बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री की पसंद का कोई मंत्री नहीं बना।

परंपरा टूटी, फिर भी सीनियर विधायकों की उपेक्षा
बैज ने कहा किछत्तीसगढ़ में अब तक मुख्यमंत्री समेत 13 मंत्रियों की परंपरा रही है। इस बार परंपरा तोड़ते हुए 14 मंत्री बनाए गए, लेकिन फिर भी आधा दर्जन से ज्यादा विधायक मंत्री नहीं बन पाए।बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने वरिष्ठता, अनुभव और सक्रियता को दरकिनार कर दिया है।
भाजपा और सरकार की उल्टी गिनती शुरु
पीसीस अध्यक्ष बैज ने कहा इस मंत्री मंडल के विस्तार को लेकर बैज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में नेताओं की घोर उपेक्षा हुई है शपथ ग्रहण के बाद सरकार और भाजपा में अंतर्कलह बढ़ने वाली है साथी ही सरकार की उल्टी गिनती आज से शुरू हो चुकी है। दीपक ने कहा कि कहीं ऐसा ना हो जाए कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा भी ना कर पाए। सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक पर तंज
बैज ने कहा कि आज तीन मंत्रियों का शपथ ग्रहण था। विधायक दल की ओर से सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद अजय चंद्राकर कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए और धरमलाल कौशिक प्रदेश से बाहर चले गए। बैज ने कहा यही भाजपा की अंदरूनी कलह का सबूत है। मंत्री पद के शपथ ग्रहण से ही सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
भाजपा के पुराने नेता अब अनुपयुक्त
मंत्री मंडल में 3 में से 2 पूर्व कांग्रेसी होने के सवाल पर दीपक बैज ने कहा भाजपा में अपने ही बड़े और सक्रिय नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है। भाजपा ने अजय चंद्राकर को उपयुक्त नहीं समझा, अमर अग्रवाल को नहीं समझा, धरमलाल कौशिक को नहीं समझा और न ही राजेश मूणत को समझा।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा में कांग्रेस से आए नेताओं को ज्यादा उपयुक्त माना जा रहा है, जबकि भाजपा के पुराने नेता अब अनुपयुक्त करार दिए जा रहे हैं। और वह लोग मार्गदर्शक मंडल में चले गए हैं।